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कृषक वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम का हुआ आयोजन

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-कृषि विज्ञान केन्द्र, बून्दी द्वारा दो दिवसीय कृषक वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), बून्दी के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में जिले के 25 नवाचारी कृषकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. महेश चौधरी ने सभी अतिथियों एवं कृषकों का स्वागत किया। उन्होंने कृषक वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए जिले में कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों से कृषकों को अवगत कराया। साथ ही जामुन, बेलपत्र, अमरूद, चीकू आदि फलदार बागवानी फसलों के वैज्ञानिक तरीके से उत्पादन, उन्नत किस्मों के चयन, पौधरोपण, पोषण प्रबंधन तथा कीट एवं रोग प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्रदान की, जिससे कृषक अधिक उत्पादन एवं बेहतर गुणवत्ता प्राप्त कर सकें।

इस अवसर पर अतिरिक्त निदेशक कृषि विस्तार, संभाग कोटा अशोक कुमार शर्मा ने खेत बचाओ अभियान के बारे में जानकारी देते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती के महत्व तथा इसके लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उप निदेशक कृषि एवं परियोजना निदेशक, आत्मा, बून्दी कौशल कुमार सोमानी ने सब्जियों की संरक्षित पौधशाला तैयार करने की वैज्ञानिक विधियों एवं उससे होने वाले लाभों की जानकारी दी। विषय विशेषज्ञ मृदा विज्ञान डॉ. सेवाराम रूंडला ने प्राकृतिक खेती को टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धति बताते हुए इसके माध्यम से खेती की लागत कम करने तथा मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कृषकों को घनजीवामृत, जीवामृत एवं हरी खाद के उपयोग की जानकारी देते हुए जैविक पदार्थों के माध्यम से मृदा स्वास्थ्य सुधारने एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त करने के बारे में बताया।

विषय विशेषज्ञ (पादप संरक्षण) डॉ. महेन्द्र कुमार मीणा ने फसलों में लगने वाले प्रमुख कीट एवं बीमारियों की पहचान तथा उनके समेकित प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वरिष्ठ अनुसंधान अध्येता डॉ. दीपक कुमार, उप निदेशक कृषि श्री सत्येन्द्र पाठक, सहायक निदेशक कृषि श्री उमाशंकर शर्मा तथा सुरेश कुमार मीणा ने भी कृषकों को कृषि की नवीन तकनीकों, फसल प्रबंधन एवं कृषि विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम में कृषकों की समस्याओं का समाधान किया गया तथा वैज्ञानिकों एवं कृषकों के मध्य संवाद के माध्यम से कृषि उत्पादन एवं आय वृद्धि के विभिन्न उपायों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर कृषकों को केन्द्र पर स्थापित विभिन्न सजीव इकाइयों का भ्रमण भी करवाया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकास ताखर, लोकेश प्रजापत, हरदीप, रामप्रसाद सहित केन्द्र के समस्त स्टाफ का विशेष योगदान रहा।