डॉ राधाकृष्णन का राष्ट्रीय जीवन में हिन्दुत्व के प्रति अटूट प्रेम की भावना जागृत हुई : आर एन तिवारी

भिण्ड.ShashikantGoyal/ @www.rubarunews.com>> भारत के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृति पर आयोजित शिक्षक दिवस पर सेवानिवृत्त व्याख्याता आरएन तिवारी ने कहा कि डॉ राधाकृष्णन का राष्ट्रीय जीवन में हिन्दुत्व के प्रति उनके अटूट प्रेम की भावना जागृत हुई साहित्य और संस्कृति और दर्शन उनके महत्वपूर्ण विषय थे अपने अद्भुत विचारो के साथ राष्ट्र एवं देश के युवाओ शिक्षा के क्षेत्र मे ऊर्जा भरने का काम किया वेअपने माता पिता की ईश्वरीय संतान थे वे शिक्षा के बडे पक्षकार रहे उन्होंने भारतीय संस्कृति का देश विदेश मे प्रचार प्रसार किया।

इस अवसर पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो इकवाल अली ने कहा भारतीय संस्कृति हमारे देश की मुख्य पहचान है मातृभाषा हिंदी और संस्कृति दोनों एक समान विद्यार्थियों के ज्ञान को आगे ले जाती है सर्वप्रथम हमारे गुरु कौन है जिसे हमें पहचानने की आवश्यकता है जिसने हमें जन्म दिया माता पिता वह वही हमारे प्रथम हैं दूसरे स्थान पर धार्मिक तौर पर हम अपने संतो से गुरु दक्षिणा लेकर अपने हृदय में उन्हें प्रकट करते हैं यह महिमा ही हमारी संस्कृति की धरोहर है ज्ञान बुद्धि और विवेक यह हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण अनुकरणीय है जिसका अध्ययन हम सब विद्यार्थियों को करना चाहिए उन्होंने श्रीमद् भागवत कथा श्रीमत राम कथा और महर्षि वाल्मीकि विश्वामित्र भी राजा दशरथ के पुत्रों के गुरु थे जिन्होंने भगवान राम और लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न और लव कुश को धनुष बाण से लेकर सभी अस्त्र-शस्त्र शिक्षाओं में निपुण किया था यही भाव हम सब के विद्यार्थियों के मन में होना चाहिए।

इन शिक्षकों का हुआ सम्मान

भारतीय जनता पार्टी शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक नीतेश शर्मा के निर्देशन में कार्यक्रम का आयोजन इंग्लिश ट्यूटोरियल्स के संचालक मनीष शर्मा ने गिर्राज पैलेस में आयोजित किया जिसमें शिक्षक सम्मान समारोह में सेवानिवृत्त व्याख्याता आर्यन तिवारी प्रोफेसर इकबाल अली, सुनील त्रिपाठी, ओपी दौहरे सुनील लखेरे का मंडल अध्यक्ष शेरू पचौरी, प्रतीक पांडे, धर्मेंद्र सोनी, पवन भारद्वाज सहित महाराणा प्रताप मंडल के अन्य पदाधिकारियों ने साल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह बैठकर उन्हें सम्मानित किया।