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आयुर्वेद भारत की बौद्धिक संपदा, स्वस्थ भारत से ही साकार होगा ‘विकसित भारत’ का सपना: डॉ. प्रेमचंद बैरवा

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ भारत, विकसित भारत’ के विजन को धरातल पर उतारने में आयुर्वेद की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। आयुर्वेद महज चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि भारत की वह अनमोल बौद्धिक संपदा है, जिसे अपनाकर हर नागरिक निरोगी रह सकता है। उप मुख्‍यमंत्री सोमवार को कुंभा स्टेडियम में आयोजित चार दिवसीय संभागीय आरोग्य मेले के समापन समारोह को सम्‍बोधित कर रहे थे।
                उपमुख्यमंत्री ने मेले का निरीक्षण कर लाभार्थियों से फीडबैक लिया। जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आयुर्वेद और आयुष पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह समर्पित है। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष के केंद्रीय बजट में आयुष मंत्रालय के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत का इजाफा करते हुए कुल 4400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का सुदृढ़ीकरण ही एक समृद्ध राष्ट्र की नींव रखेगा।
                आयुर्वेद विभाग की उपनिदेशक डॉ. मालती पारीक ने मेले की सफलता का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि चार दिनों में कुल 26,000 से अधिक लोगों ने मेले का लाभ उठाया। मेले में 11,500 लोगों ने स्वास्थ्य लाभ लिया। पंचकर्म चिकित्सा से 1,861 रोगियों का उपचार किया गया। साथ ही तीन हजार लोगों ने औषधीय पादपों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
                 इस अवसर पर आयुर्वेद विभाग कोटा संभाग की अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजना शर्मा, जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, पूर्व विधायक ओमप्रकाश शर्मा, संजय लाठी, राजकुमार श्रृंगी और कालूलाल जांगिड़,  जिला आयुर्वेद चिकित्सालय के पीएमओ डॉ. सुनील कुशवाह, सहायक निदेशक डॉ. भोलेश कुमार जैन, मेला प्रभारी डॉ. मनीष माथुर सहित आयुर्वेद चिकित्सक संघ के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।