राजस्थान

मजदूर पति को दरवाजे पर देख गर्भवती पत्नी की आंखें हुई नम’

कोटा.K.K.Rathore/ @www.rubarunews.com>>सुल्तानपुर के निकट छोटे से गांव तोरण में रहने वाली गर्भवती महिला मैना के घर कर दरवाजा गुरूवार रात 11 बजे जब किसी ने खटखटाया तो वह घबरा गई। सहमते हुए मैना ने दरवाजा खोला तो सामने पति मुकेश बैरवा को देख वह हक्की-बक्की रह गई। लोकडाउन में पति को अचानक घर पहुंचा देख उसकी आंखें नम हो गईं।
दरअसल तोरण गांव का रहने वाला मुकेश बैरवा बीकानेर के पास गंगाशहर में अपने दो साथीयों रामलखन और जगदीश के साथ मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता है। वह बीकानेर में अकेला रहता है जबकि उसके पत्नी मंजू व दो बच्चे तोरण गांव में ही रहते हैं। उसकी पत्नी मंजू आठ माह की गर्भवती है तथा उसका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता।
कोरोना वायरस के चलते 22 मार्च को अचानक लोकडाउन हो जाने की वजह से मुकेश व साथियों का काम बंद हो गया। उसने वहां से गांव लौटने की सोची लेकिन आवागमन के साधन बंद हो जाने के कारण यह संभव नहीं हो सका। वह किसी तरह वहां समय निकाल रहा था कि मंगलवार को उसको सूचना मिली की मैना की तबियत सही नहीं है। यह सुनकर वह विचलित हो गया। उसने कोटा पहुंचने के लिए लगातार प्रयास किए लेकिन सफलता नही मिली। इसके बाद मुकेश ने मंगलवार रात लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कोटा कार्यालय फोन कर समस्या बताई। मुकेश ने गर्भवती पत्नी की तबियत सही नहीं होने के साथ खाने तक के लिए पैसे नहीं होने की बात कही। ऐसे में कार्यालय से सारे मामले की जानकरी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को दी गई।
बिरला ने तत्काल अपने निजी सहायक को इनको गाॅव भेजने की व्यवस्था के निर्देश दिए। इस पर लोकसभा कार्यालय से सिर्फ मुकेश व दो अन्य लोगोे लिऐ विशेष पास की व्यवस्था करने के साथ ही उनपको कोटा तक लाने के लिए गाड़ी की व्यवस्था भी की गई। इसके बाद बुधवार को पास की सभी आवश्यक कार्यवाही कर ली गई और मुकेश गुरूवार सुबह बीकानेर से रवाना होकर देर रात करीब 12 बजे तोरण गांव स्थित अपने घर पहुंच गया
उसके आने के बाद तो जैसे उसके घर का माहौल ही बदल गया। पत्नी उसको आंखों के सामने देख कर भी काफी देर तक उसके लौट आने का विश्वास नहीं कर सकी। मुकेश भी परिवार के बीच पहुंच की खुशी से फूला नहीं समा रहा था।
मुकेश ने बताया कि विगत 25 दिन में काफी कठिन समय बीता। सबकुछ सहन करके भी काम चला रहे थे, लेकिन पत्नी की तबीयत सही नहीं होने की खबर ने भीतर से तोड़ दिया। ऐसे समय में जब कोई साथ नहीं दे रहा था तब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने न सिर्फ मदद की बल्कि घर तक आने के लिए गाड़ी की व्यवस्था भी बिना बोले ही कर दी। अब वह घर पर रहकर वह बुजुर्ग माता-पिता, बच्चों और गर्भवती पत्नी का ध्यान बेहत तरीके से रख पाएगा। वहीं रामलखन एवं जगदीश भी परिवार के बीच पहुॅचकर काफी खुश नजर आ रहे है।