मधुरिका ने सभी लोगों से फिट इंडिया फ्रीडम दौड़ में भाग लेने की अपील की

नईदिल्ली.Desk/ @www.rubarunews.com>> भारतीय खेल प्राधिकरण के मुंबई स्थित क्षेत्रीय केंद्र ने टेबिल टेनिस खिलाड़ी मधुरिका पाटकर के साथ ऑनलाइन तरीके से परस्पर बातचीत की। पिछले महीने वर्चुअल राष्ट्रीय खेल पुरस्कार में 2020 में अर्जुन पुरस्कार जीतने वाली टेबिल टेनिस खिलाड़ी ने वर्तमान में जारी फिट इंडिया फ्रीडम दौड के महत्व के बारे में बताया।

खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित यह सबसे बड़ी देशव्यापी दौड है जिसे केंद्रीय खेल एवं युवा मामले मंत्री  किरेन रिजिजू द्वारा 14 अगस्त को लॉन्च किया गया था। 2 अक्टूबर तक जारी रहने वाली इस दौड़ को खिलाड़ियों एवं सभी क्षेत्रों के गैर खिलाड़ियों द्वारा पसंद किया गया है।

मधुरिका ने कहा, ‘यह हमारे देश को और अधिक फिट बनाने की दिशा में एक कदम है। हम सभी भारत को एक फिट देश बनाने के लिए प्रतिभागी बन सकते हैं। लॉकडाउन के दौरान हम सभी अपने घरों में ही सीमित रहे हैं, लेकिन अब हम धीरे-धीरे बाहर निकल सकते हैं, दौड़ के साथ जुड़ने का यह बिल्कुल उपयुक्त समय है। यह एक मूलभूत व्यायाम है। मैं खेल मंत्रालय और विशेष रूप से माननीय खेल एवं युवा मामले मंत्री  किरेन रिजिजू को इस अवधि के दौरान फिट इंडिया फ्रीडम दौड आरंभ करने के लिए धन्यवाद देती हूं। मैं सबसे फिट इंडिया फ्रीडम दौड में भाग लेने की अपील करना चाहती हूं।

उन्होंने यह भी कहा कि समूह में दौड़ने से काफी लाभ मिलते हैं। उन्होंने कहा, ‘जब मैं दौड़ने के लिए आउटडोर जाती हूं, मैं प्रकृति के साथ खुद को जुड़ा महसूस करती हूं और मेरे लिए बहुत लाभदायक अनुभव है। पहली बात तो यह कि हमें खुद के साथ आरंभ करने की आवश्यकता है और उसके बाद हम दूसरों को इससे जुड़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। हमें अपने मित्रों को आमंत्रित करने की आवश्यकता है, भले ही वे टालमटोल करें। जैसे ही एक व्यक्ति दौड़ना आरंभ करेगा, वे इसे पसंद करने लगेंगे। जब हमारे साथ समूह होता है तो यह अधिक आनंददायक बन जाता है।’

भारतीय खेल प्राधिकरण के मुंबई स्थित क्षेत्रीय केंद्र की क्षेत्रीय निदेशक सुष्मिता आर जुत्शी ने मधुरिका द्वारा दिए गए फिटनेस मंत्र की सराहना की और उल्लेख किया कि हमें दूसरों को हमेशा चार गुना अधिक प्रोत्साहित करना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘मधुरिका, आपके शब्द काफी प्रेरणादायी हैं। आपको देख कर बहुत से लोग प्रेरित होंगे। इस वर्तमान परिदृश्य में फिट बने रहने तथा महामारी से लड़ने का एकमात्र रास्ता फिट बने रहना है। एथलीट हमारे राष्ट्रीय आइकान हैं और प्रत्येक व्यक्ति को चार अन्य लोगों को इस अनूठी दौड़ में शामिल होने के लिए प्रेरित करना चाहिए। यह एक बड़ी उपलब्धि होगी। अगर 100 लोगों को प्रेरित किया जाता है तो वे 400 और लोगों को प्रेरित करेंगे।’