बाढ़ में बहकर आई भैंस का मामला: सरपंच, एसपी से बोला भले ही एफआईआर करा दो, भैंस नहीं दूंगा

भिण्डShashikantGoyal/ @www.rubarunews.com>> सिंध में आई बाढ़ के बाद एक भैंस के बहने और उसकी वापसी का रोचक मामला सामने आया है। बाढ में बह रही एक भैंस को एक गांव के सरपंच ने पकड लिया। इसकी जानकारी पर भैंस मालिक उसे लेने पहुंचा तो सरपंच ने 50 हजार रुपए मांगे। शिकायत के बाद सरपंच ने एसपी से भी कह दिया कि भले ही केस दर्ज करा दो, लेकिन भैंस नहीं दूंगा। बाद में कांग्रेस नेता के हस्तक्षेप के बाद सरपंच ने भैंस को उसके मालिक को सौंपा। 4 अगस्त को भारौली कलां गांव सिंध की बाढ़ से तबाह हो गया। इस दौरान घर-गृहस्थी के सामान के साथ लोगों का लाखों का नुकसान हो गया। कई लोगों के गाय-भैंस भी पानी में बह गए। गांव के ही राहुल सिंह राजावत की भैंस भी पानी में बह गई। भैंस करीब 15 किमी दूर रौन क्षेत्र के मेंहदा घाट पुल के पास बीहड के टीले पर फंस गई। यहां बहादुरपुरा सरपंच समेत बिछौली गांव के कुछ युवक मौजूद थे।

 

राहुल सिंह के मुताबिकए सरपंच विक्रम सिंह ने बिछौली गांव के राजवीर सिंह राजावत और राजेंद्र सिंह सिसोदिया से भैंस को पकडकर बंधवा दिया। इसके बाद तीनों में भैंस के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। सरपंच का कहना था कि दोनों 10-10 हजार रुपए ले लें और भैंस वह खुद रख लेगा, जबकि राजवीर और राजेंद्र ने कहा कि भैंस को बेचकर जो भी पैसे मिलेंग, उसे बराबर बांट लेंगे। यह जानकारी बहादुरपुरा और बिछौली गांव के लोगों को लगी। इसी बीच किसी ने भैंस का वीडियो बना लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो बनाने वाले ने इसे गुजरात में काम करने वाले गांव के ही साथी को भेजा। उन्होंने भैंस को पहचान कर वीडियो राहुल सिंह को भेज दिया। उसने भैंस की पहचान कर ली। इसके बाद राहुल भैंस को वापस लेने के लिए बिछौली पहुंचा। उसने यहां बाढ में बहकर आई आधा दर्जन भैंसों को देखा और अपनी भैंस पहचान गया। जब भैंस वापस करने के लिए कहा तो राजवीर और राजेंद्र ने भैंस देने से इनकार कर दिया। इसकी जानकारी राहुल ने भारौली थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे को दी। सूचना के बाद जब पुलिस यहां पहुंची तो राजेंद्र और राजवीर ने भैंस को बीह? में छिपा दिया। थोडी देर बार सरपंच विक्रम सिंह मौके पर पहुंचा और भैंस देने के एवज में 50 हजार रुपए मांगे। राहुल ने गांव के कुछ बुजुर्गों के साथ पंचायत भी लगाई। इसमें 35 हजार रुपए देना तय हुआ। इसके बाद राहुल ने एसपी मनोज कुमार सिंह से शिकायत कर दी। एसपी ने भी सरपंच को फोन किया। पहले तो सरपंच ने भैंस नहीं होने की बात कही। बाद में दो टूक कह दिया कि भले ही एफआईआर दर्ज करा दें, लेकिन भैंस नहीं देगा। मामले की जानकारी के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने पहले तो भैंस बांधने वालों का समर्थन किया। फिर उन्होंने केस दर्ज नहीं करने की बात एसपी से कही। इसके बाद भैंस वापस लेने रौन थाना प्रभारी उदय भान सिंह, बिछौली गांव फोर्स लेकर पहुंचे। इसके बाद सरपंच ने भैंस राहुल को वापस कर दी।