बच्चों ने सीखा प्रश्न पत्र का पंचनामा करना

कोटा.KrishnaKantRathore/www.rubarunews.com- विद्यार्थी जीवन में सामान्य तौर पर 3 से 24 वर्ष तक अध्ययन करता है | बचपन में सब कुछ इसलिए जल्दी याद हो जाता था क्योंकि शिक्षक हमेशा उस अध्ययन विधि से पड़ते थे जिसमे हमारी सभी ज्ञानेन्द्रियाँ सम्मिलित हो जाती थी और हम जैसे हमारे गुरुजन बोलते थे वैसा बोलते थे वैसा करते थे परन्तु जैसे जैसे हम बड़े होने लगते है हमारी पड़ने ही आदतों में बदलाव आने लगता है और हम केवल हाथ में किताब लेकर पड़ने लगते है परन्तु केवल हाथ में किताब लेना और किताब में जैसा लिखा उसे पड़ लेने से ही याद नहीं रहता | अच्छी और स्थाई पड़ाई के लिए स्मार्ट अध्ययन करने की आवश्यकता होती है | इसीलिए आज राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय खेराबाद में परीक्षा का पंचनामा नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमे आसपास के सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पांचवी, दसवीं और बहारवी विद्यार्थी ने भाग लिया और परीक्षा की तैयारी से सम्बंधित विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की गई और प्रश्न पत्र को कैसे हल करे उस पर चर्चा की गई | सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में सोसाइटी हैज ईव इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट की ट्रस्टी और मोटिवेशनल स्पीकर डॉ निधि प्रजापति रही । कार्यशाला के संचालक चन्दन देतवाल ने बताया की डॉ निधि प्रजापति ने छात्रो को विभिन्न उदाहरणों एवं कहानियों के माध्यम से कैसे अच्छे अंक लाये जा सकते है उस पर मार्गदर्शित किया | कार्यशाला में विद्याथियों को कैसे स्मार्ट स्टडी करे? कैसे अपने स्टडी सर्किल को रेगुलेट करे ? कैसे अपने एग्जाम की तैयारी करे? कैसे परीक्षा में उत्तर लिखे? कैसे अच्छे मार्क्स लेकर आये? एवरेज बच्चे कैसे अपना अध्ययन आदतों में अंतर लाये ? जैसे विषयों की जानकारी दी गई | उन्होंने बताया की स्मार्ट स्टडी के लिए स्मार्ट प्लानिंग की आवश्यकता होती है जिसके अंतर्गत एक व्यवस्थित अध्ययन हेतु पढ़ाई की प्रक्रिया को चार चरणों में विभाजित कर लेना चाहिए :1

                  1. पढ़ने से पहले आप तय करे की सिलेबस क्या है ? अनावश्यक पढने का कोई लाभ नहीं | इसके लिए सबसे पहले मुखे बिन्दुओं को पढ़े, रटने के स्थान पर विषयवस्तु की अवधारणा समझे, उतना ही पढ़े जितने की आवश्यकता हो ? बड़ी बड़ी अवधारणाओं के शोर्ट कट बनाये , उनकी एब्रीवीएअशन बनाने से आसानी से याद रखा जा सकता है |

2. याद करना: किसी भी चीज को याद करने के लिए सबसे पहले यह तय करे की आज पढ़े तो क्यों पढ़े और इसके पड़ने से क्या लाभ होगा | जो भी याद करनी है उसे लिखे और उसके लिए सर्वोत्तम वातावरण का चुनाव करे जहाँ किसी भी प्रकार की कोई बाधा या अनावश्यक व्यवधान न आये | समय के अनुरूप पढ़े और टाइम टेबल को फॉलो करे |

3. अपना टेस्ट खुद लेना: याद कर लेने के बाद आप एक- दो बार अपना टेस्ट खुद ले इससे आपको अपनी कमियाँ एग्जाम से पहले ही पता लग जाएगी | अपना टेस्ट लेते वक्त पूर्ण ईमानदारी से पेपर दे |

4. फाइनल एग्जाम देना: अपना टेस्ट खुद लेने के बाद आप जब भी फाइनल एग्जाम रहे हो निम्नलिखित बातों पर विशेष ध्यान दे :-एग्जाम से पहले कुछ भी नया न पढ़े | परीक्षा देने से पहले शांत रहे, पर्याप्त नाश्ता ले और जो भी आपने याद किया है उसे मन ही मन दोहराए | एग्जाम हॉल में पानी की बोतल और एनर्जी ड्रिंक अपने साथ ले जाये | उत्तर वही दे जो की प्रश्न में पूछा गया हो, उतना ही लिखे जितने मार्क्स का प्रश्न हो | उत्तर हमेशा प्रश्न के अनुरूप हो | उत्तर ऐसा होना चाहिए जिसके आधार पर अंक प्राप्त किये जा सके, जिसे एग्जामिनर चेक कर सके | उत्तर विश्वसनीय होना चाहिए और टू द पॉइंट लिखे | इस्धर उधर की बाते और कहानियां लिखने से नंबर कभी किसी को नहीं मिलते है | और अपना पेपर हमेशा टाइम पर समाप्त करने के लिए पेपर को पड़ने के बाद उसे समयानुसार विभाजित करे | पहले वो उत्तर दे जो अच्छे से आते हो और बाद में वे प्रश्न करे जिनमें थोडा सोचने की आवश्यकता हो |

Umesh Saxena

I am the chief editor of rubarunews.com