दूसरों के पराधीन नहीं बने, अपनी सोच को बड़ा करो – सुधा सागर जी महाराज

कोटा KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com>> पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसियां जी दादाबाड़ी मंे अपने प्रवचन मंे सुधासागर जी महाराज ने कहा कि जैसे-जैसे आदमी धनवान होता जाता है या किसी बड़े ओहदे पर पहुंच जाता है, वैसे ही वह पराधीन हो जाता है। पहले जहां खुद उठकर के पानी का गिलास भरकर पानी पीता था, बड़ा आदमी बनने पर वो नौकर से पानी का गिलास मांगता है, यानी वो दूसरों पर आश्रित व पराधीन हो गया। लेकिन यह आदत उसके लिए सही नहीं है। यह आदत कभी उसके जीवन के लिए भी भारी पड़ सकती है। हमेशा दूसरों पर आश्रित हो जाना सबसे बड़े दुख का कारण बन सकता है। इसीलिए बड़ा आदमी बनने पर भी हमें दूसरों पर आश्रित नहीं बनना चाहिए। मुनिश्री ने कहा कि ज्ञानी और अज्ञानी व्यक्ति के मन के भाव भी अलग-अलग होते हैं। अज्ञानी जीव कहता है कि यह वस्तु अगर मेरी जिंदगी मंे आ जाए तो मजा आ जाए, और ज्ञानी व्यक्ति कहता है कि मैं इस वस्तु के बिना रह जाउं तो आनंद आ जाए। इसलिए व्यक्ति को अपनी सोच को बड़ा रखना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अच्छी व बड़ी सोच रखने वाला व्यक्ति हमेशा खुश और प्रफुल्लित रहता है। नसिया जी के अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ एवं महामंत्री महेन्द्र कासलीवाल ने बताया कि मुनिश्री के प्रवचन प्रतिदिन प्रातः 8.30 बजे से 10 बजे तक होंगे।
इस अवसर पर पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसिया जी दादाबाड़ी के निदेशक हुकम जैन काका, अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ, महामंत्री महेन्द्र कासलीवाल, कोषाध्यक्ष मनीष मोहिवाल, धर्मचंद जैन, सुनील नगेदा, अनिल जैन, सुनील मड़िया, वीरेन्द्र जैन, श्रीमती अर्चना दुगेरिया, श्रीमती सुनीता दुगेरिया, श्रीमती बीना जैन आशा जी श्री माल समेत बड़ी संख्या में श्रावकगण मौजूद रहे।
आचार्य विद्यासागर जी की दीक्षा जयंती आज मनाएंगे
पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसियां के निदेशक हुकम जैन काका ने बताया कि बुधवार की सुबह 8 बजे आचार्य विद्यासागर जी की 54वीं दीक्षा जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम व अनुष्ठान आयोजित होंगे।