कोचिंग सेन्टरों पर कार्रवाई करने नहीं पहुची शिक्षा विभाग की टीम

भिण्ड. rubarudesk/@www.rubarunews.com>> शहर में लगभग एक सैकड़ा से अधिक कोचिंग सेन्टर बिना नियम-कानून के संचालित किये जा रहे हैं जिन पर कार्रवाई करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा विगत माह गठित की गई टीम ने कार्रवाई करने की अभी तक जहमत नहीं दिखाई और न हीं किसी तरह के दस्तावेजों की मांग की गई, पुराने डर्रे पर आज भी कोचिंग सेन्टर संचालित हो रहे हैं। एंटी माफिया टीम ने अभी तक कोचिंग सेन्टरों पर कार्रवाई करने का रुख नहीं अपनाया सिर्फ अतिक्रमण हटाने की ओर जोर देने में लगी हुई है। इन कोचिंग सेन्टरों पर प्रायवेट शिक्षकों के अलावा सरकारी मास्टर भी सेवाएं देने में लगे हुए हैं जिसके बाद इन सेन्टरों की मॉनीट्रिंग क्यों नहीं की जा रही है या फिर सांठगाठ कर कोचिंग संचालिकों को सह दी जा रही है। इतना ही नहीं इन कोचिंग सेंटरों पर दिनभर असामाजिक तत्वों का भी जमावड़ा लग रहा है। ये असामाजिक तत्व वहां पढऩे आने वाली छात्राओं से छेडख़ानी तक करने से बाज नहीं आते। इस कारण पढ़ाई के लिए आने वाली छात्राओं का निकलना मुश्किल हो गया है। कोचिंग सेंटर पर खड़े होने वाले इन असामाजिक तत्वों के बीच कई बार झगड़े की स्थिति भी बनती है। कोचिंग सेंटर सुबह 6 बजे से सांय 7 बजे तक संचालित होते है जिससे बच्चियां सुरछित घर पहुंच सके भयवश बनी रहती है।

सूत्रों की माने तो कोचिंग सेंटरों की जांच का मामला अभी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, इसमें मुख्य भूमिका डीईओ के द्वारा निभाई जा रही है। इन आरोपों में सत्यता इसलिए नजर आ रही है कि क्योंकि पहले तो जांच दल का गठन करने में डीईओ ने 7 दिन का वक्त लगा दिया और अब जब दल गठित किया जा चुका है, तो कोचिंग की जांच लिए मैदान में अब तक क्यों नहीं उतरे। डीईओ ने कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए 15 दिसम्बर को आदेश जारी किया  था और 21 दिसम्बर को जांच टीम का गठन कर पाए। जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी एक ओर जहां कोचिंग्स का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने को बल दे रहे हैं, लेकिन ओर यह जानकारी नहीं दे पा रहे हैं कि किसी प्रक्रिया के तहत इनका रजिस्ट्रेशन विभाग करेगा। इस मामले पर जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि फर्म एवं सोसायटी में पंजीयन कराने के बाद कोचिंग्स का संचालन किया जा सकता है और इसके लिए निर्धारित मापदंड पूर्ण करने होते हैं।  कोचिंग संचालक अब यह परेशान है कि कौन से मापदंड पूरे करने होंगे। उल्लेखनीय है कि शहर में पढ़ाई के नाम पर लगभग एक सैकड़ा से अधिक कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। परंतु इन कोचिंग सेंटरों में किसी तरह के सुरक्षा के इंतजाम नहीं है और न ही सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इससे कोंचिंग के आसपास खड़े होने वाले युवकों पर नजर रखी जा सके। नगर में चल रही इन कोचिंग सेंटर में होने वाली अनियमितताओं को लेकर आए दिन शिकायत मिलती रहती है, जिसके बाद भी पुलिस एक्शन लेने के मूड में नहीं दिखाई दे रही है। इतना नहीं इन सेन्टरों पर सवाएं देने वाले शिक्षकों का भी वेरिफकेशन होना जरुरी है।

Umesh Saxena

I am the chief editor of rubarunews.com