अपराध एवं अपराधी के संदर्भ में भौतिक साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण ~ डॉ. विनोद ढिंगरा

ग्वालियर.Desk/ @www.rubarunews.com- आरोपियों की सटीक पहचान एवं योजनाबद्ध आपराधिक प्रकरणों को वैज्ञानिक अनुसंधान से हल करने के लिये घटना स्थल पर भौतिक साक्ष्यों की सुरक्षा ,संकलन , संरक्षण और विभिन्न फॉरेंसिक परीक्षणों की जानकारी साझा करते हुए वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. विनोद ढिंगरा ने नवीनतम फॉरेंसिक तकनीक के उपयोग , घटना स्थल के सूक्ष्म निरीक्षण एवं अपराध से अपराधी के संदर्भ को जोड़ने में भौतिक साक्ष्य की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया ।

सहायक जिला अभियोजन अधिकारी विजय कुमार उपमन्यु ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से पुलिस प्रशिक्षण शाला , तिघरा ने प्रतिनिधित्व करते हुए दो दिवसीय (22 , 23 अक्टूबर) ऑनलाइन केरला स्थित केरला पुलिस अकादमी एवं महात्मा गाँधी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित द्वितीय पुलिस साइन्स काँग्रेस के प्रथम दिवस में विषय फॉरेंसिक साइन्स एंड फॉरेंसिक साइकोलॉजी थीम पर सक्रिय सहभागिता की । पुलिस मुख्यालय मध्यप्रदेश भोपाल के निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता गुप्ता के प्रोत्साहन से पुलिस प्रशिक्षण शाला तिघरा में पदस्थ वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. विनोद ढिंगरा ने ” ब्लाइंड मर्डर डीकोडेड बाय फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन – ए केस स्टडी ” पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया । ऑनलाइन प्रस्तुतिकरण के समय जुड़े विद्वानों /शोधकर्ताओं एवं पुलिस के सहभागियों से विचार साझा करते हुये , उनकी शंकाओं के सन्दर्भ में डॉ. विनोद ढिंगरा ने समाधान भी बताये ।उक्त अवसर पर ए. एस. पी. ए.यू. सिद्दीकी , डी. एस. पी.राजीव चतुर्वेदी ,सहायक जिला अभियोजन अधिकारी विजय कुमार उपमन्यु ,सी. एल.आई. हेमन्त शर्मा,आर.आई.
अरविन्द सिकरवार एवं तकनीकी स्टाफ एस. आई.भारत सिंह,आर. वीर सिंह,आर. वैभव मुंडी , जावेद खान पी.टी. एस. तिघरा भी उपस्थित रहे