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युवा बाघिन ने दिखाया बाघों का प्राकृतिक कॉरिडोर

बून्दी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में चार महीने पहले शॉफ्ट एनक्लोजर से आजाद होने के बाद युवा बाघिन आरवीटी 8 छोड़े गए स्थान से 80 किलोमीटर दूर बून्दी व भीलवाड़ा जिले की सीमा पर भीमलत क्षेत्र के जंगलों में पहुंच गई। बाघिन अब मुकुन्दरा टाइगर रिजर्व से महज कुछ किलोमीटर दूर है।
बाघिन ने करीब दो महीने से बून्दी शहर के निकट व कालदां के जंगलों को अपना आशियाना बना रखा था। इस दौरान बाघिन ने जैवविविधता से समृद्ध कालदां के पूरे इलाके को देखा और लगातार मूवमेंट कर रही है। बाघिन के कालदां के बाद अब भीमलत इलाके में पंहुचने पर वन विभाग ने क्षेत्र में मोनिटरिंग बढ़ा दी है तथा आसपास के ग्रामीणों से जंगल में नहीं जाने की अपील की है।
गौरतलब है कि रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के कोर प्रथम से जुड़ा कालदां बफर जोन जनशून्य है व सदियों से बाघों की शरणस्थली रहा है। बाघिन आरवीटी 8 इस इलाके को अपनी टेरेटरी बनाने के लिए पूरे क्षेत्र में विचरण कर रही है। पहली बार बाघिन भीमलत क्षेत्र में पहुंची है जो यदि आगे बढ़ती है तो मुकुन्दरा टाइगर रिजर्व में जा सकती है। हालांकि इसके वापस कालदां लौटने की संभावना अधिक है। वन विभाग सेटेलाइट कॉलर के द्वारा 24 घण्टे बाघिन की गतिविधियों पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है।