वॉटर टैक्‍सी और रोपैक्‍स फेरी सेवा जल्‍दी ही मुम्‍बई की परिवहन व्‍यवस्‍था का अंग होगी

नईदिल्ली.Desk/ @www.rubarunews.com>> पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार)  मनसुख मंडाविया(Minister of State for Ports, Shipping and Waterways (Independent Charge) Mansukh Mandavia) ने महाराष्‍ट्र के मुम्‍बई में शहरी जल परिवहन परियोजनाओं की समीक्षा के लिए आयोजित एक बैठक की अध्‍यक्षता की। बैठक में मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारी, मुम्‍बई बंदरगाह के अध्‍यक्ष और महाराष्‍ट्र मैरीटाइम बोर्ड के अधिकारी तथा अन्‍य हितधारक मौजूद थे।




मुम्‍बई की भीड़ भरी सड़कों से परिवहन का भार कम करने और पर्यावरण अनुकूल जल परिवहन व्‍यवस्‍था(Water transport system) को बढ़ावा देने के लिए रोपैक्‍स फेरी सेवा के 4 नए मार्गों और वॉटर टैक्‍सी सेवा के 12 नए मार्गों को दिसम्‍बर, 2021 तक परिचालन योग्‍य बनाने की योजना बनाई गई है।इस समय रोपैक्‍स (रोल ऑन/रोल ऑफ यात्री) सेवा(Ropax (roll on / roll off passenger) service) भाऊचा धक्‍का से मांडवा (अलीबाग) तक परिचालित की जाती है। इसके तहत 110 किलोमीटर की सड़क यात्रा को जल मार्ग के जरिए घटाकर 18 किलोमीटर किया गया है और इससे रोजाना सफर करने वाले लोगों का यात्रा समय 3-4 घंटे से घटकर मात्र एक घंटा रह गया है। इस फेरी सेवा के लाभों को देखते हुए मुम्‍बई के अन्‍य विभिन्‍न मार्गों पर भी इस तरह की सेवाएं शुरू करने की योजना है।रोपैक्‍स फेरी सेवा(Ropax Ferry Service) के 4 नए मार्ग और वॉटर टैक्‍सी सेवा(Water Taxi Service) के 12 मार्ग खुलने से मुम्‍बई के दैनिक यात्रियों को बहुत लाभ होगा। इससे यात्री प्रदूषण मुक्‍त, शान्तिपूर्ण और समय की बचत करने वाली यात्रा कर सकेंगे और उनका यात्रा समय और खर्च बचेगा तथा कार्बन फुटप्रिंट में भी पर्याप्‍त कमी आएगी। इससे बड़ी संख्‍या में पर्यटकों और दैनिक यात्रियों को मुम्‍बई शहर के हर हिस्‍से की यात्रा में आसानी होगी।




पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार)  मनसुख मंडाविया ने कहा कि नए जलमार्गों पर परिचालन शुरू होना, प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी के जलमार्गों का उपयोग करने और उन्‍हें देश के आर्थिक विकास से जोड़ने के दृष्टिकोण की दिशा में एक महत्‍वपूर्ण कदम है। सभी तटवर्ती राज्‍यों में रोपैक्‍स सेवा और वॉटर टैक्‍सी सेवा के बहुत से अन्‍य मार्गों पर परिचालन शुरू होने से एक सुचारू पर्यावरण व्‍यवस्‍था और नेटवर्क के विकास की नई संभावनाएं और नए अवसर खुलेंगे।