पेंच से बूंदी आई बाघिन को मिली आरवीटी-9 के नाम से नई पहचान
बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-अंतरराज्यीय बाघ स्थानांतरण कार्यक्रम के तहत मध्यप्रदेश से स्थानांतरित बाघिन पीएन-224, अब रामगढ़ विषधारी बाघ अभयारण्य में आरवीटी-9 के रूप में पहचानी जाएगी। इससे पहले रणथंभौर टाइगर रिजर्व से लाई गई बाघिन को आरवीटी-8 नाम से पहचान मिली थी जो अभी टाइगर रिजर्व के कालदां व बूंदी शहर के आसपास के बफर जोन में अपनी टेरेटरी बना रही है। अच्छी खबर यह है कि अनुवांशिक परिवर्तन के महत्वाकांक्षी अभियान के तहत मध्यप्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से बूंदी लाई गई बाघिन आरवीटी-9 टाइगर रिजर्व में बनाए गए एक हेक्टेयर के सुरक्षित बाड़े में छोड़े जाने के बाद स्वस्थ है। बाघिन को छोड़ने के बाद किए गए नियमित अवलोकन के आधार पर विभाग का मानना है कि बाघिन शांत, संयमित और यहां के वातावरण में अच्छी तरह से ढल चुकी है। वह बाड़े के भीतर सक्रिय रूप से घूम रही है और उसने एनक्लोजर में ही सफलतापूर्वक शिकार भी किया है, जो उसकी शारीरिक तंदुरुस्ती, व्यवहारिक स्थिरता और नए आवास में अनुकूलन का सकारात्मक संकेत है।
जल्दी ही बाघिन को हार्ड रिलीज करने की तैयारी में जुटा वन विभाग
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के प्रोटोकॉल के अनुसार बाघिन की नियमित निगरानी की जा रही है और उम्मीद है कि सप्ताहांत तक इसे खुले जंगल में छोड़ दिया जाएगा। यह बाघ स्थानांतरण रामगढ़ विषधारी सहित राज्य के बाघ अभयारण्यों में बाघों की आबादी के आनुवंशिक आधार को मजबूत करने और आनुवंशिक विविधता में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, साथ ही अंतरराज्यीय सहयोग के माध्यम से राष्ट्रीय बाघ परिदृश्य के दीर्घकालिक संरक्षण लक्ष्यों में भी नई दिशा मिलेगी।
