प्रारंभिक स्तर पर ही पहचान होने पर जल्द ठीक हो जाते हैं मनो रोगी – डॉ. रश्मि गुप्ता

झालावाड़.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- झालावाड़ के नर्सिंग कॉलेज में बीएससी नर्सिंग छात्रों के लिए पोस्ट कोविड मेंटल हेल्थ ईशु पर सेमिनार का आयोजन किया गया। मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के तहत आयोजित सेमिनार में मुख्य वक्ता मनोचिकित्सक एवं जिला नोडल अधिकारी मानसिक स्वास्थ्य डॉ. रश्मि गुप्ता ने कहा कि मनोरोग असाध्य बीमारी नहीं है यदि समय पर उपचार मिल जाए तो बीमार व्यक्ति जल्दी ही ठीक हो जाता है, बशर्ते लोगों को अंधविश्वास में नही पड़कर बिना समय गंवाए उपचार कराना चाहिए।

डॉ. रश्मि गुप्ता ने कहा कि इस वर्ष का थीम ‘एक असमान दुनिया में मानसिक स्वास्थ्य’ है आज भी 75 से 95% लोग मानसिक बीमारियों के इलाज से वंचित हैं मानसिक स्वास्थ्य पर खर्च किए जाने वाला बजट शारीरिक स्वास्थ्य पर खर्च किए जाने वाले बजट से काफी कम है जबकि कोविड के पश्चात मानसिक रोगियों की संख्या में 30% की वृद्धि हुई है साथ ही स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं डॉक्टर स्वयं भी मानसिक तनाव एवं बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं जबकि मानसिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की संख्या बहुत कम है इसलिय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सभी आशा सहयोगिनी,नर्सिंग स्टाफ एवम मेडिकल ऑफिसर को ट्रेनिंग दी जा रही है प्रारंभिक स्तर पर ही बीमारियों के लक्षण पहचान कर इलाज की शुरुआत कर सकें।
साथ ही समाज में बदल रही जीवन शैली, बढ़ती नशे की प्रवृत्ति, सामाजिक ढांचे में बदलाव, टूटी संयुक्त परिवारों की परंपरा के कारण भी मनोरोग बढ़ रहा है, उन्होंने कहा कि मानसिक रोग कई प्रकार के होते हैं, इसका मुख्य कारण मस्तिष्क के रसायनिक बदलाव का होना है। मनोरोग से संबंधित बीमारियों वाले रोगियों को योग व्यायाम व संयमित जीवन शैली अपनाने की आवश्यकता है, मनो रोग से पीड़ित व्यक्ति मित्रों परिवार जनों से बात करें उनसे जुड़ाव रखें, हमेशा सकारात्मक सोचें और खुश रहें, परिवार और बच्चों के बारे में सोचें और समय-समय पर मनोचिकित्सक की सलाह लेते रहें। कभी भी अकेले ना रहें। सकारात्मक कार्यों में शामिल हूं जो आपको खुशी दे सके।