कोविड-19 का बच्चों पर प्रभाव और मीडिया की भूमिका पर ऑनलाईन कार्यशाला का आयोजन सम्पन्न

चाइल्ड राइट्स आब्जर्वेटरी की मैदानी पत्रकारों के साथ कार्यशाला

मैदानी पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका से कोरोना काल मे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य व सुरक्षा संबंधी जानकारी मिल सकी- निर्मला बुच, पूर्व आईएएस

भोपाल/ दतिया @rubarunews.com>>>>>>>>>>>>>>
चाइल्ड राइट्स आब्जर्वेटरी (सीआरओ) मध्यप्रदेश ने प्रदेश के मैदानी पत्रकारों के साथ “कोविड-19 का बच्चों पर प्रभाव और मीडिया की भूमिका “ विषय पर एक ऑनलाईन कार्यशाला का आयोजन किया।

आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में प्रदेश के चयनित जिलों के पत्रकार साथियों ने सहभागिता करते हुए कोविड काल के दौरान प्राप्त अपने-अपने अनुभव शेयर करते हुए क्षेत्रीय स्थिति व सरकार के द्वारा किए गए प्रयासों को प्रस्तुत किया।

चाइल्ड राइट्स आब्जर्वेटरी संस्था की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला बुच पूर्व आईएएस ने कार्यशाला शुरु करते हुये कहा कि बच्चों की समस्या को लेकर मैदानी पत्रकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है, उन्हीं की वजह से कोरोना काल में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा की गांव से लेकर कस्बों तक की जानकारी प्राप्त हो सकी। हमें उनके बाल संरक्षण व बाल अधिकारों के संरक्षण में प्रदत्त योगदान का सम्मान करना चाहिए।

कार्यशाला में सीआरओ की ओर से विषय विशेषज्ञ रघुराज सिंह द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रदेश में कोरोना काल में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य विशेषकर मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा की स्थिति से जिलों और तहसीलों के पत्रकारों को अवगत कराया गया। साथ ही मैदानी पत्रकार साथियों से वास्तविक स्थिति अपने-अपने अनुभव शेयर करने हेतु आव्हान किया।

बातचीत में यह तथ्य उभरकर सामने आया कि कोरोना के पिछले लगभग 17 महिनों में ऑनलाईन पढाई के कारण बच्चों की आंखो पर असर हुआ हैं और अब बड़ी संख्या में बच्चे माइनस नम्बर का चश्मा लगा रहे हैं और अकेलेपन के कारण वे मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सृृजन एकेडमी के सुनील शुक्ला ने बच्चों और पालकों की मानसिक समस्याओं को लेकर सुझाव दिये। श्री शुक्ला ने कहा जैसे ही बच्चों के व्यवहार में बदलाव दिखे वैसे ही बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिये। कार्यशाला का सफल संचालन अनुराग त्रिपाठी सीआरओ भोपाल ने किया।

पत्रकारों ने भी अपने-अपने क्षेत्र की शिक्षा और स्वास्थ्य की जानकारी से अवगत कराया। जिसमें दतिया से  शैलेन्द्र बुन्देला,  डॉ. रामजीशरण राय, सुबोध शर्मा, लोकेश मिश्रा  श्योपुर से उमेश सक्सेना, भिण्ड से लक्ष्मण सिंह तोमर, सहित छिंदवाड़ा, इंदौर, भोपाल, टीकमगढ़, रीवा सहित अन्य जिलों के पत्रकार साथियों ने सहभागिता करते हुए अपने-अपने अनुभव सांझा किए।

सीआरओ की ओर से सुश्री रश्मि सारस्वत ने मैदानी पत्रकारों से बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर अपनी अपेक्षाएं बताते हुये कहा कि आप जो जानकारियां एकत्र कर प्रकाषित करते हैं वे बहुत उपयोगी हैं और उनसे बच्चों के मुद्दों पर सरकार से पैरवी करने में मदद मिलती हैं। कार्यशाला में 12 जिलों के 25 पत्रकारों के अलावा 20 शिक्षक और पालक भी शामिल हुए।

कार्यशाला के अंत में सीआरओ के अनुराग त्रिपाठी ने आभार व्यक्त करते हुए सभी पत्रकार साथियों से बच्चों के अधिकार व उनकी शिक्षा, सुरक्षा व सुरक्षा मुहैया कराने हेतु आवाज उठाने हेतु अपील की।