नवनेरा-गलवा-बीसलपुर-ईसरदा लिंक परियोजना में अवाप्त भूमि में नहीं करे कृषि सम्बन्धी कार्य
बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-नवनेरा-गलवा-बीसलपुर-ईसरदा लिंक परियोजना के अन्तर्गत नवनेरा बैराज के डिलीवरी सिस्टर्न से मेज एनीकट तक सभी संरचनाओं सहित फीडर निर्माण में आ रहें ग्राम क्रमशः गुहाटा, कोटाखुर्द, लबान, दहीखेड़ा, डपटा, रामगंज एवं खरायता में अवाप्ति से प्रभावित भूमि का भूमि अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के अन्तर्गत किया जा चुका है साथ ही 28 मई 2025 को अवार्ड जारी किया जाकर प्रभावित भूमि का मुआवजा भुगतान किया जा चुका है। शेष मुआवजा भुगतान हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है तथा इस भूमि का उपयोग राज्य हित में उक्त सार्वजनिक प्रयोजनार्थ निहित है।
राजस्थान वॉटर ग्रिड कॉर्पोरेशन लिमिटेड पी.आई.यू. कोटा के महाप्रबंधक प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि इस सार्वजनिक सूचना द्वारा मुआवजा प्राप्त किये जा चुके/मुआवजा प्राप्त नहीं किये गये उन सभी काश्तकारों/भूमि हितधारियों हेतु लेख है, कि अवाप्त की जा चुकी भूमि पर फसल कटनें के पश्चात् कोई भी कृषि सम्बन्धी गतिविधियों यथा कृषि हेतु खेत तैयार / जुताई करना / खाद व बीज डालने / फसल बोना/ उगाने इत्यादि कार्य ना किया जावें एवं जिनके द्वारा अभी तक मुआवजा भुगतान प्राप्त नही किया है, व शीघ्र मुआवजा भुगतान प्राप्त करें (क्योंकि काश्तकारों द्वारा स्वयं की इच्छा से मुआवजा प्राप्त नही करने पर राज्य सरकार की अतिमहत्वपूर्ण महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्य विलम्बित नहीं किया जा सकता है, अतः फसल कटने के तुरन्त बाद भूमि पर कब्जा लिया जाकर निर्माण कार्य किया जाना आवश्यक है) अन्यथा मुआवजा भुगतान सम्बन्धित कोर्ट में जमा करा दिया जायेगा।
यदि उक्त निर्देश के बाद भी उपरोक्त प्रावधानों की कोई भी कार्यवाही की जाती है तथा निर्माण गतिविधियों हेतु उपर्युक्त अवाप्त भूमि पर किसी भी प्रकार का छोटा या बड़ा नुकसान होता है तो हितधारियों के स्वयं के जोखिम पर होगा तथा नियमानुसार उक्त के विरूद्ध राजकीय कार्यवाही पृथक से अमल में लाई जायेगी।