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विधायक शर्मा ने विधानसभा में उठाया बून्दी जिले की चरमराती कानून व्यवस्था का मामला

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- बूंदी जिले में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं को लेकर आज बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा विधानसभा में बोले। हरिमोहन शर्मा के निजी सचिव मनीष गौतम ने बताया कि विधायक शर्मा द्वारा आज विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव नियम-50 के अंतर्गत बूंदी जिले की कानून व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े किए।
शर्मा ने विधानसभा में कहा कि 26 जनवरी जब हम सब गणतंत्र दिवस का जश्न मना रहे थे तब बडा नयागाव निवासी हिण्डौली थाना क्षेत्र में मृतक मुकेश सैनी की बदमाशों ने चाकूओं से निर्मम हत्या कर दी। लेकिन सवाल यह है कि जब मृतक के पिता ने इन्हीं कातिलों के खिलाफ 19 सितंबर को अपने साथ की गई मारपीट को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई। लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की और एक माह बाद उसके पुत्र मुकेश की उन्हीं 4 सूदखोर कातिलों ने चाकू से वार कर निर्मम हत्या कर दी। ठीक इसी प्रकार 31 जनवरी 2026 की रात्रि को किशन गोपाल बैरवा निवासी जवाहर नगर थाना नमाना जिला बूंदी को घर से अपहरण कर उसकी सोने की मुर्किया , ताबीज व चांदी के सामानों को छीनकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। जब इसके परिजन सुबह अपहरण का मुकदमा दर्ज कराने गए और मैने दूरभाष के माध्यम से वार्तालाप की तो पुलिस ने कहा कि वह तो अपनी मर्जी से ही गया है और उसके ठीक 2 घंटे बाद ही बैरवा की नदी में लाश मिली ! गत दिवस एक वृद्ध महिला का हाथ पैर काटकर उसकी बेरहमी से हत्या की। कोटा में कांस्टेबल का अपहरण कर उसकी हत्या की। शर्मा ने तत्काल प्रभाव से सभी अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार कर परिवारजनों को मुआवजा दिलाने की पुरजोर मांग की है!
साथ ही शर्मा ने कहा कि कोटा में डीजी का कार्यलय अलग से संचालित होता है जो गृह मंत्रालय पुलिस के नियत्रंण में नहीं है। वह अलग है और एक कार्यालय अलग से संचालित होता है। शर्मा ने यह भी कहा कि सरकार गरीब शोषित परिवार जो प्रतिकार होते हैं उनको नाम मात्र का मुआवजा देती हैं और जो बड़े लोग जिनके साथ यह घटनाएं होती है उनको प्रतिकार मानकर लाखों रुपए की मुआवजा देती है कृपया यह प्रतिशोध की भावना नहीं रखें और सबके लिए सामान्य नीति अपनाए।