शहादत दिवस: “भगत सिंह के क्रांतिकारी चिंतन का महत्व” विषय पर संगोष्ठी
भोपाल.Desk/ @www.rubarunews.com- शहीद भगत सिंह के शहादत दिवस के अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के तत्वावधान में *”भगत सिंह के क्रांतिकारी चिंतन का महत्व”* विषय पर संगोष्ठी का आयोजन शाकिर सदन में किया गया।
वरिष्ठ साहित्यकार *कॉमरेड इकबाल मसूद* ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि “भगत सिंह केवल क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि एक गंभीर विचारक भी थे। उन्होंने समाज में वर्गीय शोषण के खिलाफ वैज्ञानिक समाजवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। आज के दौर में उनके तर्कवादी और समाजवादी विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं।”
विषय प्रवर्तन करते हुए *कॉमरेड सत्यम पांडे* ने अपने उद्बोधन में कहा कि “भगत सिंह ने जिस सामाजिक न्याय और समानता के सपने को देखा था, उसे पूरा करने की जिम्मेदारी आज भी हमारे कंधों पर है। भगत सिंह का क्रांतिकारी चिंतन अन्याय के हर रूप के खिलाफ प्रतिरोध की प्रेरणा देता है।”
संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे *कॉमरेड डी. डी. शर्मा* ने कहा कि “भगत सिंह ने धर्म, जाति और सांप्रदायिकता के खिलाफ वैज्ञानिक सोच को अपनाने की बात की थी। आज समाज में बढ़ती असमानता और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के दौर में उनके विचारों को अपनाना बेहद जरूरी है।”
कार्यक्रम का संचालन करते हुए *कॉमरेड शैलेन्द्र शैली* ने कहा कि “भगत सिंह ने अपने लेखन और क्रांतिकारी गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को संघर्ष की राह दिखाई। आज के युवा आंदोलन को उनके विचारों से सीखकर सामाजिक बदलाव के लिए सक्रिय होना चाहिए।”
कार्यक्रम में शिवशंकर मौर्य, सचिन श्रीवास्तव, नवाब उद्दीन, बालकृष्ण नामदेव, अरविन्द सक्सेना ,फिदा हुसैन, बी. पी. मिश्रा, रमज़ान खान, लाखन सिंह रघुवंशी, शंकर राव, शेर सिंह सहित अन्य प्रगतिशील विचारधारा के साथी उपस्थित रहे।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने नागरिकों से भगत सिंह के विचारों को समझने और उन्हें सामाजिक परिवर्तन के लिए अपनाने की अपील की।