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रात्रीकालीन कोर्ट और केस ट्रांसफर के खिलाफ बूंदी में वकीलों का आंदोलन

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- अभिभाषक परिषद के तत्वावधान में अधिवक्ताओं ने रात्रिकालीन न्यायालय संचालन तथा विभिन्न न्यायिक कार्यों को बूंदी जिला सेशन न्यायालय से हटाने के प्रस्ताव के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। अभिभाषक परिषद के अध्यक्ष नारायण सिंह गौड़, उपाध्यक्ष अनीस मोहम्मद एवं सचिव पंकज दाधीच के नेतृत्व में जिला एवं सत्र न्यायाधीश बूंदी को राजस्थान उच्च न्यायालय के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।
प्रवक्ता ओराक नैय्यर ने बताया कि प्रदर्शन की शुरुआत बार रूम परिसर से हुई, जहां बूंदी अभिभाषक परिषद् के सभी अधिवक्ता एकत्रित हुए। इसके बाद अधिवक्ताओं ने विशाल रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए जिला सेशन न्यायालय परिसर तक मार्च किया और न्यायालय के बाहर प्रांगण में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। इस दौरान अध्यक्ष नारायण सिंह गौड़ एवं सचिव पंकज दाधीच ने ज्ञापन का वाचन करते हुए रात्रिकालीन न्यायालय संचालन का स्पष्ट रूप से विरोध किया।
ज्ञापन में फैमिली कोर्ट, एमएसीटी (मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण) कोर्ट, एनडीपीएस कोर्ट सहित लाखेरी एवं इंदरगढ़ न्यायालयों के न्यायिक कार्यों को बूंदी जिला सेशन न्यायालय से हटाने के निर्णय पर भी कड़ा एतराज जताया गया। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस तरह के निर्णयों से वादकारियों को अनावश्यक परेशानी होगी तथा न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होगी।
प्रदर्शन के दौरान सीनियर अधिवक्ता दिनेश पारीक एवं नवेद केसर ने अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए आंदोलनकारी उद्बोधन दिया और कहा कि अधिवक्ताओं के हितों तथा आम जनता की सुविधा के लिए ऐसे फैसलों का संगठित विरोध आवश्यक है। उन्होंने एकजुट होकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इसी क्रम में अभिभाषक परिषद् के अध्यक्ष एवं सचिव ने अविलंब संघर्ष समिति का गठन किया। इस समिति में वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश पारीक, नवेद केसर, योगेश जोशी, शिफाउल हक सहित अन्य सदस्यों को शामिल किया गया, जिन्हें आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
 विरोध प्रदर्शन में सह- सचिव किशन वर्मा, पुस्तकालय अध्यक्ष कृष्ण मुरारी दाधीच, कोषाध्यक्ष संजय शर्मा, सदस्य एजाज रिज़वी, कमल गुजर, अंकित शर्मा, सोनू सैनी, हेमराज मीणा, अरविंद शर्मा सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे। इसके अलावा श्यामदत्त दाधीच, कैलाश नामधारणी, कैलाश गुप्ता, रामदत्त शर्मा, आनंद सिंह नरूका, अमित निंबार्क, भूपेंद्र सहाय सक्सैना, जगदीश गुप्ता, राजीव लोचन गौतम, मनोज गौतम, मुकेश शर्मा समेत कई अधिवक्ताओं ने भी अपना विरोध दर्ज कराते हुए सैकड़ों अधिवक्ताओं ने आंदोलन को समर्थन दिया।