पॉश अधिनियम की शक्ति से सशक्त होंगी श्रमिक महिलायें – नागर

कार्यक्रम में पर्यवेक्षक प्रमिला एवं विधि परामर्शदाता प्रिया मिश्रण ने पॉश अधिनियम के विभिन्न कानूनी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षित, सम्मानजनक एवं समान अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के गठन, शिकायत निवारण प्रक्रिया, एवं नियोक्ता की जिम्मेदारियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक भेरू प्रकाश नागर ने बताया कि अभियान का उद्देश्य न केवल महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है, बल्कि कार्यस्थलों पर उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए एक मज़बूत प्रणाली विकसित करना भी है, ताकि प्रत्येक महिला श्रमिक को एक सुरक्षित एवं गरिमामयी कार्य वातावरण प्राप्त हो सके। कार्यक्रम में एक्शन एड के ज़िला समन्वयक ज़हीर आलम ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम स्तर तक POSH अधिनियम की समझ विकसित करने के उद्देश्य से अभियान के अंतर्गत ग्राम साथिनों के लिए ब्लॉक स्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन किया गया था। कार्यशाला के दौरान सभी साथिनों को उपयोगी बूकलेट्स भी वितरित की गईं, जिनमें अधिनियम की प्रमुख धाराएं, शिकायत की प्रक्रिया एवं सहायता संसाधनों की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।
प्रशिक्षण प्राप्त ग्राम साथिनों द्वारा अब खेतों, मनरेगा कार्यस्थलों, ईंट भट्टों सहित अन्य असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत महिला श्रमिकों को जागरूक किया जा रहा है। वे महिलाओं को पॉश अधिनियम की जानकारी देकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि यदि किसी प्रकार का उत्पीड़न होता है तो वे अपनी शिकायत उचित मंच पर दर्ज कर सकें और न्याय प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में जेंडर विशेषज्ञ विनिता अग्रवाल, पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद् प्रबंधक पूर्णिमा गौतम, परामर्शदाता सालोनी शर्मा, अक्षिता मिश्रण आदि ने भी पॉश अधिनियम व अभियान के बारे में अपने विचार व्यक्त किये।
प्रशिक्षण प्राप्त ग्राम साथिनों द्वारा अब खेतों, मनरेगा कार्यस्थलों, ईंट भट्टों सहित अन्य असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत महिला श्रमिकों को जागरूक किया जा रहा है। वे महिलाओं को पॉश अधिनियम की जानकारी देकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि यदि किसी प्रकार का उत्पीड़न होता है तो वे अपनी शिकायत उचित मंच पर दर्ज कर सकें और न्याय प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में जेंडर विशेषज्ञ विनिता अग्रवाल, पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद् प्रबंधक पूर्णिमा गौतम, परामर्शदाता सालोनी शर्मा, अक्षिता मिश्रण आदि ने भी पॉश अधिनियम व अभियान के बारे में अपने विचार व्यक्त किये।