बूंदी में ‘यस टू स्कूल’ की गूंज, बाल श्रम के खिलाफ ऐतिहासिक जनभागीदारी, करीब एक लाख लोगों ने ली शपथ

राजकीय व निजी विद्यालयों, छात्रावास, आंगनबाड़ी केंद्रों व पंजीकृत मदरसों में आयोजित इस कार्यक्रम में दोनों दिनों को मिलाकर ज़िले भर में एक लाख से अधिक छात्र-छात्राओं, बच्चों एवं समुदाय के सदस्यों ने बाल श्रम व बाल विवाह के उन्मूलन और शिक्षा को बढ़ावा देने की शपथ ली।
दूसरे दिन (मंगलवार) को 35,000 से अधिक विद्यार्थियों व नागरिकों ने बूंदी को शिक्षा युक्त और बाल श्रम मुक्त जिला बनाने हेतु सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक हुकम चंद जाजोरिया ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान सभी हितधारकों—शिक्षकों, समुदाय कार्यकर्ताओं, अभिभावकों व प्रशासनिक प्रतिनिधियोंने बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा एवं संरक्षण का वादा किया।
महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक भेरू प्रकाश नागर ने जानकारी दी कि अभियान के अंतर्गत ग्राम साथिनों के माध्यम से शिक्षा से वंचित बालिकाओं, किशोरियों व महिलाओं का चिन्हांकन कर उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ा जा रहा हैं।
संरक्षण अधिकारी गोविंद कुमार गौतम एवं एक्शन एड-यूनिसेफ़ के जिला समन्वयक ज़हीर आलम ने संयुक्त रूप से बताया कि यह अभियान बच्चों को न केवल सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि उन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों की पूर्ति की दिशा में भी मजबूत करता है। विशेष रूप से घुमंतू व अर्द्धघुमंतू समुदायों के बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें विद्यालयों में प्रवेश दिलाने हेतु भी सक्रिय प्रयास कर शिक्षा विभाग के प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में भी सहयोग प्रदान किया जा रहा हैं।