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बाघों के प्राकृतिक कॉरिडोर में बाधक बना टाइगर रिजर्व के बीच हाइवे

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com- बूंदी के निकट रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के बीच में से होकर गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर वन्यजीवों के लिए सुरक्षित अंडरपास या ओवरब्रिज नहीं होने से प्राकृतिक कॉरिडोर बाधित हो गया है। युवा बाघिन आरवीटी 8 दो दिन से टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र से निकलकर कालदां बफर जोन में जाने के लिए सड़क पार नहीं कर पा रही है। बाघिन का मूवमेंट लगातार सड़क किनारे व शहर के पास होने से वन विभाग व प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। बाघिन गुरुवार सुबह सड़क के नजदीक आने से कुछ समय के लिए पुराने हाइवे पर वाहनों की आवाजाही भी बंद करनी पड़ी थी लेकिन नए हाइवे पर वाहनों की मौजूदगी से वह वापस लौट गई। बाघिन अपनी टेरेटरी की तलाश में है तथा एक माह से लगातार मूवमेंट कर रही है।

हाइवे पर बनने थे 5 अंडरपास
राष्ट्रीय राजमार्ग 52 के निर्माण के दौरान वन क्षेत्र में तालाब गांव से फूलसागर रोड़ तक 5 अंडरपास प्रस्तावित किए गए थे लेकिन विभागीय सामंजस्य के अभाव में नहीं बन पाए। टाइगर रिजर्व बनने के बाद बाघों सहित अन्य वन्यजीवों की संख्या बढ़ने से इस व्यस्त राजमार्ग पर वन्यजीवों की आवाजाही बाधित हो गई है।

बाघिन की नियमित मोनिटरिंग, पशु चिकित्सक तैनात

बाघिन की शहर व हाइवे किनारे मौजूदगी से वन विभाग सतर्क होकर 24 घण्टे मोनिटरिंग में जुटा हुआ है। किसी भी विपरीत परिस्थिति के लिए बाघिन को ट्रेंकुलाइज करने या अन्य चिकित्सकीय सहायता के लिए पशु चिकित्सकों की टीम बूंदी में बुला ली गई है। हालांकि उम्मीद है कि बाघिन जंगल में वापस रामगढ़ की तरफ लौट जाएगी या रोड़ पार कर कालदां के जंगलों में अपनी टेरेटरी बनाने के लिए निकल सकती है।
इनका कहना है

बाघिन आरवीटी 8 जंगल के दूसरे भाग में जाने के लिए दो दिन से सड़क के पास मौजूद-पृथ्वी सिंह राजावत

बाघिन का मूवमेंट टाइगर रिजर्व के बफर जोन में बना हुआ है और टीमें नियमित निगरानी कर रही हैं। बाघिन के लिए यह नया इलाका है जिससे आबादी के निकट भी आ सकती है इसलिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सुगनाराम जाट
फील्ड डायरेक्टर, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व, बूंदी