ईएनसी ने डैम सेफ्टी की टीम के साथ किया बांध का निरीक्षण
श्योपुर.Desk/ @www.rubarunews.com-जल संसाधन विभाग के इंजीनियर इन चीफ विनोद कुमार देवडा द्वारा डैम सेफ्टी की टीम के साथ आवदा बांध का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर प्रभारी कलेक्टर अतेन्द्र सिंह गुर्जर, डैम सेफ्टी के डायरेक्टर पुष्पेन्द्र सिंह, अधीक्षण यंत्री चंबल एसके वर्मा, अधीक्षण यंत्री राजगढ विकास राजौरिया, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन चैतन्य चौहान आदि अधिकारी उपस्थित थे।
जल संसाधन विभाग के ईएनसी विनोद कुमार देवडा द्वारा आज डैम सेफ्टी की टीम के साथ आवदा बांध पहुंचकर बांध का निरीक्षण किया गया तथा बांध की मजबूती का तकनीकी आंकलन किया गया।
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री चौहान ने जानकारी दी कि अधिकारियों एवं तकनीकी दल द्वारा जांच की गई है, उन्होने बताया कि आवदा बांध के क्रेक काफी पुराने है, जिन से फिलहाल कोई गंभीर स्थिति नही है। उन्होेेने बताया कि बांध की मरम्मत के लिए 13 करोड रूपये का प्रस्ताव भेज दिया गया है, जिसे स्वीकृत करने की प्रक्रिया की जा रही है, आगामी समय में राशि स्वीकृत होने पर बांध की मरम्मत का कार्य कराया जायेगा। इसके साथ ही बांध पर निगरानी के लिए टीम नियुक्त की गई है।
उल्लेखनीय है कि श्योपुर जिले के प्रमुख बांधो में शामिल स्टेट टाइम का बना आवदा डैम अच्छी बारिश के चलते सावन मास में 38 फीट से अधिक भर गया है, बांध की भराव क्षमता लगभग 42 फीट है। वर्तमान में बांध में 39 एमसीएम से अधिक पानी का भराव है, जो कि बांध की क्षमता का 88.37 प्रतिशत है। बांध की कुल भराव क्षमता 45.038 एमसीएम है,
आवदा डैम में सीपेज को रोकने तथा बांध की दीवार की मजबूती के लिए वर्ष 2023 में 425 मीटर लम्बी तथा 5 मीटर चौडी राफ्ट डाली गई थी। इस बांध से निकली नहर के माध्यम से लगभग दो दर्जन ग्रामों में 9 हजार हेक्टयर क्षेत्र में सिंचाई होती है, पक्के बांध की कुल लम्बाई 1158 मीटर है तथा मिट्टी पाल की लम्बाई 4 हजार 497 मीटर है, करीब 6 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस बांध का कैचमेंट एरिया 233 वर्ग किलोमीटर है, यह जिले का प्रमुख बांध है, जिसे सिंधिया स्टेट में 1934 में बनाया गया था, यह बांध रबी सीजन में किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं की पूर्ति करता आ रहा है।