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पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि का पुण्य स्मृति दिवस समारोह पूर्वक सम्पन्न

प्रतिवर्ष विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाया जाता है, समारोहपूर्वक संपन्न

दतिया @Rubarunews.com>>>>>>>>>> प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू राजस्थान के स्थानीय मुख्य सेवा केन्द्र बड़ा बाजार दतिया द्वारा संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि का पुण्य स्मृति दिवस जिसे संस्थान द्वारा प्रतिवर्ष विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाया जाता है, समारोहपूर्वक संपन्न हुआ।

समारोह के मुख्य अतिथि दतिया राजपरिवार के प्रमुख महाराज अरुणादित्य देव जी, विशिष्ट अतिथि नगर के वरिष्ठ समाजसेवी, पत्रकार, साहित्यकार और इतिहासकार श्री रवि ठाकुर और मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारीज के अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू से पधारे वरिष्ठ ब्रह्माकुमार नरेन्द्र कुमार जी मंच पर सुशोभित हुए। प्रथमत: सेवा केन्द्र की ब्रह्माकुमारी शिखा बहन और स्वाति बहन द्वारा वस्त्र पट्टिका और रत्ना बहन द्वारा आत्मस्मृति का तिलक लगाकर अतिथियों का स्वागत किया गया। साथ ही ब्रह्माकुमारीज परिवार के बाबा के अतिप्रिय ब्रह्माकुमार मोहन भाई जी, ब्रह्माकुमार नितिन और ब्रह्माकुमार प्रशांत का भी तिलक और वस्त्र पट्टिका द्वारा स्वागत सम्मान किया गया।

तदुपरांत अतिथियों के साथ संस्थान की सेवा केन्द्र प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी दीपा दीदी जी ने दादी प्रकाशमणि के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए बताया कि प्रतिवर्ष 25 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम के पंद्रह दिन पूर्व से ही समाज सेवा के आयोजन (रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण आदि) प्रारंभ हो जाते हैं। इस वर्ष संस्थान ने भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में “10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा अभियान” प्रारंभ किया है। अभियान 20 अगस्त तक चलाने का विचार था किन्तु लक्ष्य पूरा नहीं होने से इसे लक्ष्यपूर्ति तक निरंतर रखने का निर्णय लिया गया है। 20 अगस्त तक 3.62 करोड़ प्रतिज्ञाएं दर्ज हुईं हैं। प्रतिज्ञा के लिए संस्था के सेवा केन्द्र पर या My Bharat पोर्टल पर फार्म प्रस्तुत किया जा सकेगा। उन्होंने सभी से अनुरोध किया है भारत को व्यसन मुक्त बनाने के इस कल्याणकारी कार्य में अपना सहयोग सुनिश्चित कर अपना भाग्य निर्माण करें।

आदरणीय दीदी जी ने बताया कि दादी प्रकाशमणि ने अपने असीम स्नेह से ही ब्रह्माकुमारीज परिवार को विश्वव्यापक स्वरूप देकर एक सूत्र में बांधा, उनका अनुसरण ही हम ब्रह्माकुमारियों की शक्ति बना और आज भी दादी के प्रेम का अनुभव हमें सशक्त करता है। उनकी संगठन क्षमता, निमित्त भाव, प्रकृति मैत्री, ज्ञान योग की स्पष्टता से हम सबको शक्ति प्राप्त होती है। आज उनकी स्मृति से दतिया क्षेत्र के सभी भाई-बहनों को को इस अनमोल ईश्वरीय ज्ञान और राजयोग का निःशुल्क लाभ लेने का निमंत्रण दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आज से अठारह वर्ष पहले आज ही के दिन सेवा केन्द्र अपने वर्तमान भवन में अंतरित हुआ था, इसलिए आज इस भवन की अठारहवीं वर्षगांठ है, जिसकी सभी को बधाई और शुभकामनाएं दे रहे हैं।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे वरिष्ठ राजयोगी भ्राताश्री नरेन्द्र कुमार जी ने अपने सारगर्भित उद्वोधन में दादी प्रकाशमणि की पालना के अनुभव सुनाए। उन्होंने कहा कि मधुबन मुख्यालय में संस्था के सभी क्रियाकलापों में दादी सक्रिय रूप से नियमित उपस्थिति देकर सभी से मिलती थी और सभी को नाम से जानतीं थीं। परमात्मा निराकार हैं पर उनके अव्यक्त प्रेम का अनुभव हमें दादी में होता था। अब हम सभी का एक ही कर्तव्य है कि हम भी दादी के गुणों को अपने में धारण कर विश्व परिवर्तन के ईश्वरीय संकल्प को पूरा करने में अपना सहयोग दें।

मुख्य अतिथि की आसंदी से अपने उद्बोधन में महाराज अरुणादित्य देव ने कहा कि माउंट आबू उनके ननिहाल सिरोही रियासत में ही है और बचपन से संस्था के मुख्यालय पांडव भवन और विश्व शांति भवन में उनका आना जाना रहा है। दादी प्रकाशमणि से उनका मिलना हुआ है और संभवतः बाल्यावस्था के इस स्नेह अनुभव के कारण से कोई अदृश्य योग विद्यमान है और इसी वजह से वर्षों बाद जब भारत के पूर्व राजपरिवार प्रमुखों का सम्मेलन हुआ तो मुझे उसमें शामिल होकर बहुत प्रसन्नता अनुभव हुई।

राजयोग मेडीटेशन का सुंदर अनुभव आदरणीय जयंती दीदी की कमेंट्री के साथ प्राप्त किया, यह अद्भुत अनुभव था। विशिष्ट अतिथि श्री रवि ठाकुर ने स्थानीय सेवा केन्द्र के भवन निर्माण के समय की स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि उस समय भवन निर्माण में आने वाली बाधाओं में उन्हें संस्था की सेवा का अवसर मिला, और इसके बाद भी संस्था के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आवश्यकता होने पर सेवा/सहयोग उनके लिए प्रसन्नता का विषय रहा है, और वे सदैव इस सकारात्मक ईश्वरीय आयोजन में सेवा के लिए प्रस्तुत हैं। संस्था के नियमित जिज्ञासुओं ने दादी प्रकाशमणि के अव्यक्त अनुदानों के अपने अनुभव सुनाए। इसके पश्चात अतिथियों और दीदी जी द्वारा सेवा केन्द्र की वर्षगांठ का केक काटा गया।

अंत में सभी उपस्थितों को ईश्वरीय उपहार प्रदान किए और ईश्वरीय स्मृति में विशेष राजयोगी बहनों और भाइयों द्वारा निर्मित सुस्वादु ब्रह्मा भोजन का प्रसाद ग्रहण उपरांत कार्यक्रम पूर्ण हुआ।
कार्यक्रम में सेवा केन्द्र के प्रमुख ब्रह्माकुमारी/ब्रह्माकुमार भाई बहनें और दतिया, भांडेर, सेंवड़ा, इंदरगढ़, उनाव, बड़ौनी, अगोरा आदि सभी प्रमुख ग्राम, नगरों से जिज्ञासु उपस्थित रहे।