नगरीय निकायों के क्षेत्र में नालो की सफाई 15 जून से पहले करावे-कलेक्टर

श्योपुर.Desk/ @www.rubarunews.com>>कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कि आगामी मानसून से पहले आपदा प्रबंधन की दिशा में सभी प्रकार की तैयारियां विभागीय अधिकारी सुनिश्चित करें। जिससे जिले की चंबल, पार्वती, कूनो एवं सीप नदी के अलावा अन्य क्षेत्रो में बाढ की स्थिति में समय रहते कार्यवाईयों को अमल में लाया जा सके। इसी दिशा में नगरीय निकायों के क्षेत्र में नालो की सफाई 15 जून से पहले मुख्य नगर पालिका अधिकारी कराना सुनिश्चित करें। जिससे शहरी क्षेत्रो में बाढ की स्थिति से निजात मिलेगी। वे आज कलेक्टर कार्यालय श्योपुर के सभागार में बाढ राहत एवं आपदा प्रबंधन की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

कलेक्टर  राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि आपदा प्रबंधन की दिशा में सर्वे एवं राहत टीम बनाई जाकर बाढ राहत की कार्य योजना शीघ्र तैयार की जावे। जिससे बाढ की संभावना के मद्देनजर कार्य योजना को अमल में लाया जा सके। उन्होने कहा कि जिले के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं एसडीओपी अपने स्तर पर भी बैठक आयोजित कर बाढ की संभावना वाले क्षेत्रो का चिन्हांकन करें। उन्होने कहा कि गोताखोरो की सूची होमगार्ड एवं वन विभाग द्वारा तैयार की जावे। जिससे आवश्यतानुसार उनका उपयोग बाढ में किया जा सकें। उन्होने कहा कि राजस्व विभाग के माध्यम से बाढ राहत की दिशा में जो निर्देश प्राप्त हुई है। उनसे सभी अधिकारियों को अवगत कराया जावे। उन्होने कहा कि ग्राम सूडी और साड चारो तरफ पानी से बाढ के दौरान घिर जाते है। खातौली, दातंरदा में भी विगत वर्ष सडक पर पानी भरने से परेशानी आई थी। इसके अलावा बडौदा शहर तीन नालो से घिरा है। उन नालो की सफाई नगरीय निकाय के द्वारा कराई जावे। साथ ही आरडीसी के माध्यम से पुल-पुलियाओं की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जावे।

डीएफओ सामान्य वन मंडल  सुंधाशु यादव ने बैठक में कहा कि वर्षा के पूर्व चंबल सेंचुरी नाव और बोट को तैनात रहने के लिए पांबद किया जावेगा। साथ ही आवश्यकता पडने पर बास, बल्ली, सूखी लकडी की व्यवस्था वन विभाग के माध्यम से कराई जावेगी। साथ ही गोताखोरो का चिन्हांकन किया जाकर मुस्तैद रहने के लिए सूची तैयार की जावेगी।

अपर कलेक्टर  रूपेश उपाध्याय ने बैठक में कहा कि राजस्व विभाग के माध्यम से बाढ राहत की दिशा में जारी निर्देशों के अंतर्गत प्रारंभिक तैयारियों करने के बारे मे अवगत करया। साथ ही कलेक्टर कार्यालय में संचालित कन्ट्रोलरूम, पुलिस कन्ट्रोलरूम के माध्यम से बाढ की जानकारियों का आदान-प्रदान कराया जावेगा। साथ ही भू-अभिलेख कार्यालय में भी कन्ट्रोलरूम जानकारियां सकलित करने के लिए बनाया जावेगा। उन्होने कहा कि जल संसाधन एवं लोक निर्माण विभाग के कार्यालयों में भी कन्ट्रोलरूम स्थापित किया जावेगा। इसके अलावा तहसील स्तर पर भी कन्ट्रोलरूम बनाये जावेगे।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  पीएल कुर्वे ने बैठक में कहा कि बाढ राहत की दिशा में प्रारंभिक तैयारियां समय रहतें पूर्ण की जावेगी। साथ ही बाढ की संभावना वाले क्षेत्रो में रिसोर्स रखे जाकर व्यवस्थाओ को चिन्हांकित किया जावेगा। उन्होने कहा कि बाढ की संभावना वाले क्षेत्रो में ग्रामीणो को बाढ की संभावना के बारे में अवगत कराया जावे। साथ ही बाढ की दिशा में होने वाली परेशानियों की भी जानकारी दी जावेगी।

एसीईओ जिला पंचायत  सुधीर खाडेकर ने बैठक में कहा कि बाढ की संभावना वाले क्षेत्रो से वर्षा के दौरान 3-4 महीना आवागमन कट जाता है। इसलिए बाढ से घिरने वाले गांवो मे राशन, दवाईयां आदि की व्यवस्था पूर्व में ही सुनिश्चित की जावे। उन्होने कहा कि पीडब्ल्यूडी के माध्यम से पुल-पुलियो का ठीक कराने की कार्यवाही की जावे। साथ ही संकेतक चिन्ह लगाये जावे। बैठक में अन्य विभागीय अधिकारियों ने भी बाढ राहत एवं आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं के संबंध में उपयोगी सुझाव दिये।

बैठक में वनमण्डलाधिकारी सामान्य  सुंधाशु यादव, अपर कलेक्टर  रूपेश उपाध्याय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  पीएल कुर्वे, एसीईओ जिला पंचायत  सुधीर खाडेकर, सीएमएचओ डॉ बीएल यादव एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।