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बूंदी अभिभाषक परिषद् की बड़ी पहल, बस स्टैंड–कोर्ट कैंपस पुनर्व्यवस्था की उठी मांग

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.Rubarunews.com- news.comअभिभाषक परिषद् के अध्यक्ष नारायण सिंह गौड़ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा से शिष्टाचार भेंट कर बूंदी जिले से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं न्यायिक मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बूंदी बस स्टैंड को मिनी सचिवालय बनाए जाने तथा वर्तमान कोर्ट परिसर को बस स्टैंड क्षेत्र में स्थानांतरित किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई।

अधिवक्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि वर्तमान में जिले के विभिन्न प्रशासनिक कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर स्थित हैं, जिससे आमजन को कार्य कराने में अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि बस स्टैंड परिसर को मिनी सचिवालय के रूप में विकसित किया जाता है, तो एक ही स्थान पर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। वहीं, कोर्ट परिसर को बस स्टैंड क्षेत्र में स्थानांतरित करने से अधिवक्ताओं, पक्षकारों एवं आम नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।

डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि जनहित एवं अधिवक्ताओं की सुविधा से जुड़े इस प्रस्ताव पर सरकार स्तर पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्णय से पहले सभी तकनीकी, प्रशासनिक एवं व्यवहारिक पहलुओं का अध्ययन कराया जाएगा, ताकि जिले के विकास को गति मिल सके।

इसी दौरान उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने बूंदी की कृषि उपज मंडी का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंडी परिसर की व्यवस्थाओं, साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था एवं किसानों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। डिप्टी सीएम ने मौके पर मौजूद आला अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मंडी में मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को मंडी के विकास से संबंधित लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए।

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में बूंदी अभिभाषक परिषद् के अध्यक्ष नारायण सिंह गौड़ के साथ सचिव पंकज दाधीच, पुस्तकालय अध्यक्ष कृष्ण मुरारी दाधीच, कोषाध्यक्ष संजय शर्मा सहित कार्यकारणी सदस्य एजाज रिज़वी, हेमराज मीणा, अंकित शर्मा, कमल देव गौचर, एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गण पूर्व विधायक एवं अधिवक्ता ओमप्रकाश डिंगल, रमेशचंद भंडारी, दिनेश पारिख, आनंद सिंह नरूका, जगदीश गुप्ता, पदम कासलीवाल, राजू सिंह गुरु दिता, मनीष जैन श्रीमाल, राजकुमार गोयल, अशोक मीणा, जितेंद्र जैन, गौरव शर्मा, किन्शुक पारिख, महेश नामा, श्याम गौतम, अजय गौतम एवं ऋतु राज सैनी सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।

अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार बूंदी जिले के प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लेगी, जिससे न केवल अधिवक्ताओं बल्कि आम नागरिकों को भी सीधा लाभ मिलेगा।