नए न्यायालय परिसर के बाउंड्रीवाल शिलान्यास का अभिभाषक परिषद ने किया विरोध
बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-अभिभाषक परिषद ने नए न्यायालय परिसर में बाउंड्रीवाल के शिलान्यास का विरोध जताते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपा। परिषद के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने अदालत परिसर में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन भी किया।
बुधवार को अभिभाषक परिषद बूंदी के अध्यक्ष नारायण सिंह गौड़, उपाध्यक्ष अनीस मोहम्मद बंटी और सचिव पंकज दाधीच के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता अभिभाषक परिषद कक्ष के बाहर एकत्रित हुए। इसके बाद सभी अधिवक्ताओं ने रैली के रूप में पूरे अदालत परिसर में मार्च निकालते हुए विरोध प्रदर्शन किया और जिला एवं सत्र न्यायाधीश बूंदी को ज्ञापन सौंपा।
अभिभाषक परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि अधिवक्ताओं की मांग है कि वर्तमान न्यायालय परिसर में ही सभी न्यायालय संचालित होते रहें और इन्हें किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया जाए। अधिवक्ताओं का कहना है कि वर्षों से न्यायालय वर्तमान स्थान पर संचालित हो रहा है, जिससे अधिवक्ताओं और वादकारियों को सुविधा रहती है। ऐसे में अदालत को अन्यत्र स्थानांतरित करने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। परिषद ने नए अदालत परिसर में बाउंड्रीवाल के शिलान्यास को लेकर भी आपत्ति जताई। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस विषय को लेकर पूर्व में भी कई बार विरोध दर्ज कराया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। परिषद का आरोप है कि अधिवक्ताओं की आपत्तियों और सुझावों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
अभिभाषक परिषद ने पारिवारिक न्यायालय और मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) , पारिवारिक न्यायालय, एन डी पी एस एक्ट की पत्रावलियों के स्थानांतरण को लेकर भी चिंता जताई। परिषद का कहना है कि यदि न्यायालयों और उनकी पत्रावलियों का स्थानांतरण किया जाता है तो इससे न्यायिक कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है और अधिवक्ताओं के साथ-साथ वादकारियों को भी अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वही अभिभाषक परिषद बूंदी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से संबंधित अधिकारियों से मांग की कि नए न्यायालय परिसर से जुड़े निर्णयों पर पुनर्विचार किया जाए और अधिवक्ताओं की मांग को ध्यान में रखते हुए न्यायालय को वर्तमान स्थान पर ही संचालित रखा जाए।
