पहाड़ी पर बाघिन व तलहटी में बढ़ी बघेरों की गतिविधियां, टाइगर रिजर्व के कालदां बफर जोन में दो बघेरों ने बकरियों को बनाया निशाना
बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व के कालदां बफर जोन की तलहटी में बघेरों की गतिविधियां बढ़ गई है। बाघिन आरवीटी-8 की भी यह टेरेटरी है और इन दिनों बाघिन इसी जंगल में मौजूद है। इसी जंगल की तलहटी में मंगलवार सुबह दो बघेरों ने नीमतलाई गांव के निकट बकरियों के झुंड पर हमला कर दिया जिसमें एक बकरी की मौत हो गई और एक जख्मी हो गई। जानकारी के अनुसार नीमतलाई गांव निवासी रतन लाल भील अपनी बकरियों को लेकर जंगल की तरफ जा रहा था तभी जंगल के किनारे तलहटी में मौजूद दो बघेरों ने दो बकरियों को दबोच लिया। पीछे चल रहे चरवाहे ने दौड़कर बकरियों को वन्यजीवों के चंगुल से मुक्त कराया। घटना में एक बकरी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक गंभीर जख्मी हो गई। सूचना पर गुढ़ानाथावतान नाके का स्टाफ मौके पर पर पहुंचा तथा पंचनामा बनाकर जानकारी जुटाई। गौरतलब है कि इन दिनों बाघिन आरवीटी-8 का मूवमेंट भी टाइगर रिजर्व के कालदां बफर जोन में है और बघेरों की गतिविधियां तलहटी में बढ़ गई है जो चिंता का विषय है। तलहटी में शाकाहारी वन्यजीवों की उपलब्धता नहीं होने से पैंथर मवेशियों को शिकार बना रहे हैं। तीन दिन पहले तलहटी में ही जंगल के किनारे बसे श्योजी लाल मीणा के पालतू कुत्ते को पैंथर ने अपना शिकार बनाने की कोशिश की जिसमें किसान ने बीच बचाव कर पैंथर को भगा दिया। बाद में जख्मी कुत्ते का उपचार कराया गया। टाइगर रिजर्व के बफर जोन के कालदां क्षेत्र में बाघ बघेरों की बढ़ती गतिविधियों के बीच वन विभाग के द्वारा इस क्षेत्र में प्रे बेस बढ़ाने के कोई ठोस प्रयास नहीं हुए है जो चिंता का विषय है। हालांकि उपवन संरक्षक आलोकनाथ गुप्ता ने पिछले दिनों इलाके का दौरा कर कालदां क्षेत्र को चरणबद्ध तरीके से बाघों के अनुकूल बनाने की योजना बनाने के निर्देश दिए थे जिससे उम्मीद है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र वन्यजीवों के लिए प्रमुख आश्रयस्थल सिद्ध होगा।
