लॉकडाउन में आँख का ऑपरेशन नहीं होने से हुआ जटिल कालापानी , बूंदी में संभव हुवा विश्व स्तरीय उपचार तो वापिस लोटी रौशनी.

बून्दी.KrishnaKantRathore/ @www.rubarunews.com- 22 मार्च को जब पुरे देश में लॉकडाउन लगा जिसके कारण लोगो को काफी समस्याओ का सामना करना पड़ा 08 महीने के लॉक डाउन के कारण मनभर देवी को अत्यधिक पके हुए मोतियाबिंद में जटिलता होकर कालापानी (गुलकोमा )नामक गंभीर रोग हो गया था। दरअसल मनभर देवी की एक आँख तो जवानी में ही नस सूख जाने के कारण पूरी तरह से बेकार थी और विगत मार्च से कोरोना की वजह से लॉक डाउन लगने के कारण वह अपनी बाई आँख के इस मोतियाबिंद ओप्रेशन नहीं करवा पायी।

08 महीने की देरी के कारण मनभर की इस आँख का मोतियाबिंद ज्यादा पक गया और अचानक से नवम्बर माह के अन्त में एक रात अत्यंत तेज़ दर्द के साथ इसमें नज़र पूरी तरह समाप्त हो गयी। जब उसने विभिन अस्पतालों में दिखाया तो पता चला की कालापानी के कारण नस भी सूखने लगी है और ओप्रेशन भी जटिल है ! सभी अस्पतालों ने रौशनी नहीं आने की सम्भावना बताकर ओप्रेशन से इंकार कर दिया।

ऐसे में बूंदी के खोजा गेट रोड स्थित अग्रवाल आई एंड स्किन हॉस्पिटल के मुख्य नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ संजय गुप्ता मरीज की आँखों के अॉपरेशन का जिम्मा उठाया और रोगी को अँधा होने से बचाने की ठानी। उन्होंने मनभर देवी की इस आँख में फेको पद्धिति से मोतियाबिंद का ओप्रेशन कर निकाला और फोल्डेबल लेंस प्रत्यारोपण किया , इसके साथ ही कालेपानी का अॉपरेशन भी किया।
लेंस का सपोर्ट कमजोर होने व् अपने स्थान से खिसका होने के लिए विशेष रिंग (केप्सुलर टेसन ) रिंग लगाकर लेंस को अपने स्थान पर स्थिर किया। इसके बाद मनभर देवी की आँखों की रौशनी बच गयी और डॉ संजय गुप्ता के कड़ी मेहनत व् दृढ़ निश्चय से आज मनभर देवी अपनी आँख से दुनिया देख सकती है ओप्रेशन के बाद मनभर देवी ने डॉ संजय गुप्ता का आभार व्यक्त किया।