मानवाधिकार मानव गरिमा के सरंक्षक है, इनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे : वाज़ा

बून्दी.KrishnaKantRathore/ @www.rubarunews.com- अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निदेशन में भारत स्काउट गाइड व एक्शन एड के संयुक्त तत्वावधान में पेच ग्राउंड स्थित स्काउट गाइड भवन पर कोविड महामारी के संदर्भ में मानवाधिकारों की स्थिति व आवश्यकता विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला की अध्यक्षता प्राधिकरण के सचिव विनोद कुमार वाज़ा ने की।कार्यशाला में मानवाधिकारों के सरंक्षण की दिशा में कार्यशील विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने मानवाधिकारों की स्थिति का विश्लेषण किया तथा मानवाधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया।

कार्यशाला में अध्यक्षीय उद्बोधन देंते हुए वाज़ा ने कहा कि मानवाधिकार मानव के जन्म से निहित मूलभूत अधिकार है जो कि मानव गरिमा व अस्तित्व से जुड़े हुए हैं। मनुष्य को अपनी मानवीय भावनाओं के साथ जनकल्याण हेतु इनको आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार मानव गरिमा के सरंक्षक है, इनका लाभ अंतिम वंचित व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।

दौसा लालसोट से पधारे उप सरपंच रामकेश सैनी ने ग्रामीण क्षेत्र में मानवाधिकारों की हालत, विधिक साक्षरता व शिक्षा की आवश्यकता पर जानकारी दी।उमंग संस्थान के सचिव कृष्णकांत राठौर ने शैक्षणिक अधिकारों पर, सखी वन स्टॉप सेंटर केंद्र प्रबंधक रानू खंडेलवाल ने महिला घरेलू हिंसा व महिलाओं को संवैधानिक सुरक्षा, काउंसलर मोना शर्मा ने बालिका अधिकारों व सशक्तिकरण, बाल अधिकारों की जिले में स्थिति पर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। फ्री बीइंग मी समन्वयक सर्वेश तिवारी ने बालिका अधिकारों की दिशा में संगठन के कार्यकलापों की जानकारी दी, चाइल्डलाइन जिला समन्वयक शिवजी लाल कहार व सलाहकार संजना शर्मा ने विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला की शुरुआत में श्री नारायण सेवा एवं विकास संस्थान के अध्यक्ष राम सिंह ने अतिथियों का स्वागत व अभिनन्दन किया। एक्शनएड एसोशिएशन के जिला समन्वयक मांगीलाल शेखर ने कोविड आपदाकाल मे मानवाधिकारों की स्थित का विश्लेषण प्रस्तुत किया। सीओ स्काउट गिरिराज गर्ग ने स्काउट गाइड द्वारा मानव गरिमा के साथ में मानवाधिकारों की स्थापना हेतु किये जा रही गतिविधियों की जानकारी दी व आभार प्रकट किया। कार्यशाला का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर सर्वेश तिवारी ने किया व मानवाधिकारों की रक्षा की शपथ दिलाई।