प्रवासियों की परवाज़ से आबाद हुए बून्दी के जलाशय सर्दी के साथ बढ़ी विदेशी पक्षियों की तादात

बून्दी.KrishnaKantRathore/ @www.rubarunews.com- बून्दी के जलस्रोतों पर सर्दी के साथ ही देशी-विदेशी पक्षियों की तादात भी बढ़ने लगी हैं। परिंदो के कलरव से जिले के जलाशयों पर रौनक लौट आई है। हजारों किलोमीटर सुदूर यात्राएं कर मध्य योरोप व हिमालयन क्षेत्र से विभिन्न प्रजातियों के प्रवासी पक्षी बून्दी पंहुच चुके हैं। यहां जलाशयों पर बड़े आकार के पेलिकन सहित अन्य प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा लगा हुआ है। जिले के प्रमुख वेटलैंड तालेड़ा क्षेत्र के बरधा बांध, बून्दी की जैतसगर झील, गुढ़ानाथावतान के भीमलत-अभयपुरा बांध, हिंडोली के रामसागर,गुढ़ा बांध, दुगारी के कनक सागर सहित मेज़, कुरेल, व चम्बल नदियों में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों की जलक्रीड़ा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
गुढ़ा बांध व कनक सागर में इंडियन स्किम्मर का इंतज़ार
जिले के गुढ़ा बांध व कनक सागर दुगारी में हर साल दुर्लभ इंडियन स्किम्मर पक्षी आते है। अभी तक जिले में इन पक्षियों की साइटिंग नहीं हुई है। इस साल कमजोर मानसून के कारण प्रमुख वेटलैंड रामनगर तालाब सूखा रह जाने से कुरजां पक्षी भी नहीं आए है। वर्तमान में जिले के जलाशयों पर पेलिकन, बार हेडेड गूज, ग्रे लेग गूज, सुरखाब, कोमन पोचार्ड, लाल सर पोचार्ड, यूरोपियन पिनटेल, नोर्थन शोवलर आदि प्रवासी परिंदे बड़ी संख्या में पंहुचे है 
बून्दी में बर्ड वाचिंग की प्रबल संभावना
बून्दी जिले में बर्ड वाचिंग के क्षेत्र में टूरिज्म की विपुल संभावनाएं हैं। जिले के बरधा व अभयपुरा बांधों को मत्स्य पालन से मुक्त कर पक्षी संरक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है।
पृथ्वी सिंह राजावत
पूर्व मानद वन्यजीव प्रतिपालक, बून्दी