जिला अस्पतालों को निजी हाथों में नहीं सौंपने के राज्य सरकार के निर्णय से सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ मजबूत होंगी

इंदौर, दतिया/ www.rubarunews.com>>> मध्य प्रदेश सरकार एवं स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट का प्रदेश के जिला अस्पतालों को निजी हाथों में नहीं सौंपने के निर्णय का जन स्वास्थ्य अभियान और साथी संस्था/ संगठन स्वागत करते हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है की मध्यप्रदेश नीति आयोग के प्रस्तावित मॉडल को नहीं अपनाएगा और जिला अस्पतालों को किसी सूरत में निजी एजेंसी को नहीं देंगे ।

ज्ञात हो कि देश में डॉक्टर्स की कमी को दूर करने के लिए नीति आयोग ने हाल में ही एक नया मॉडल तैयार किया है, जिसके अंतर्गत देश के जिला अस्पतालों को पीपीपी मॉडल के तहत वर्तमान कार्यात्मक एवं नए निजी मेडिकल कॉलेजों को 60 सालों की लीज पर देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है ।

जन स्वास्थ्य अभियान और सहयोगी साथी संगठनों ने मध्य प्रदेश सरकार से मांग की थी वह नीति आयोग के इस प्रस्ताव का विरोध करे और प्रदेश के जिला अस्पतालों को निजी एजेंसी को ना दे। अभियान एवं साथियों ने विरोध करते हुए नीति आयोग को अपने सुझाव भेजते हुए प्रस्ताव की कमियों को उजागर किया था और दस्तावेज में दिए गए कर्नाटक और गुजरात के अनुभवों की सच्चाई बताते हुए कहा था की यह प्रयास पुरी तरह से विफल साबित हुए ।

जन स्वास्थ्य अभियान प्रदेश सरकार के इस निर्णय का पुन: स्वागत करता है और उम्मीद करता है कि प्रदेश सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भविष्य में भी इसी तरह से अपने प्रयास जारी रखते हुए प्रदेश की जनता के हितों की रक्षा करेगी ।

सार्वजनिक स्वास्थ्य में पीपीपी को रोकने एवं नीति आयोग के इस प्रस्ताव को नहीं मानने के लिए जन स्वास्थ्य अभियान, मध्यप्रदेश लोक सहभागी साझा मंच, मातृत्व स्वास्थ्य हकदारी अभियान (MHRC) मध्यप्रदेश मध्य प्रदेश, संवेदना भोपाल, रिवांचल दलित आदिवासी सेवा समिति रीवा, संकल्प सामाजिक विकास समिति शहडोल, बदलाव समाज कल्याण समिति पोहरी, आदिवासी अधिकार मंच मझगवां सतना, सहारा साक्षरता एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी भोपाल, आदिवासी दलित, मोर्चा, सिलिकोसिस पीड़ित संघ, स्वास्थ्य अधिकार मंच, बुंदेलखंड जीविका संगठन, राहत महिला रिसोर्स सेंटर, सच्चा प्रयास समिति बरगी नगर जबलपुर, मातृत्व स्वास्थ्य हकदारी अभियान मध्यप्रदेश, समाज चेतना अधिकार मंच रीवा, आस इंदौर, समावेशी शहर इंदौर, स्वदेश ग्रामोत्थान संस्था, दतिया, मानव फाउंडेशन श्योपुर, मध्य प्रदेश विज्ञान सभा, भारत ज्ञान विज्ञान समिति, जिंदगी बचाओ अभियान, साथिया संस्था भोपाल, आशा संगठन भिंड, मंथन बड़वानी आदि के साथ ही कई अन्य संस्थाओं/ संगठनों और साथियों ने व्यक्तिगत रूप से भी अपने सुझाव नीति आयोग और मध्य प्रदेश सरकार को दिए थे। उक्त जानकारी अमूल्य निधि एस. आर. आज़ाद राकेश चान्दौरे ने दी।

Umesh Saxena

I am the chief editor of rubarunews.com