कृषि प्रसंस्करण से खुलेंगे किसानों को आमदनी बढ़ाने के अवसर

बूंदी.KrishnaKantRathore/ @www.rubarunews.com कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति अंतर्गत बुधवार को मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कोन्फ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा की गई। वीडियो कान्फ्रेसिंग के दौरान मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने योजना से लाभान्वित कृषकों से संवाद किया एवं कठिनाइयों के निराकरण के लिये निर्देेश दिए। बूंदी के 13 प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे
वीसी में प्रमुख शासन सचिव कृषि कुंजीलाल मीणा ने योजना के प्रावधान की विस्तार से जानकारी दी
प्रोजेक्ट तैयार करें किसान – जिला कलेक्टर
जिला कलेक्टर आशीष गुप्ता ने उपस्थित कृषकों से संवाद करते हुए प्रोजक्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि योजना का उद्वेश्य कृषकों को उपज को प्रसंस्करित करके अधिक मूल्य पर बेचकर आमदनी बढाना है। इस दौरान उपस्थित कृषकों ने वेयर हाउस सीड ग्रेडिग मशीन, आटा मिल, कोल्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट में इच्छा जाहिर की ।
उप निदेशक कृषि विस्तार रमेश चंद जैन ने बताया कि योजना के तहत कृषक, एफपीओ को लागत का 50 प्रतिशत या एक करोड रूपय तक एवं उद्यमी को लागत का 25 प्रतिशत या रूपय 50 लाख तक अनुदान सहायता का प्रावधान है। योजना में वेयर हाउस, आटा मिल, दाल मिल, मसाला, सब्जी प्रसंस्करण युनिट सहित कोल्ड स्टोरेज इकाई भी शामिल है। इसके लिए इच्छुक कृषक एफपीओ को प्रोजेक्ट बताकर निकटतम कृषि उपज मण्डी समिति को प्रस्तुत करना होगा। योजना में ऋण लेकर ही कार्य किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि योजना में विद्युत प्रभार मद पर प्रति यूनिट एक रूपय, सौर उर्जा सयंत्र पर 30 प्रतिशत एवं विदेश में नमूना भेजना, परियोजना रिपोर्ट तैयार करना तथा सर्वे एवं अध्ययन शोध एवं विकास पर भी अनुदान सहायता का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त अधिसूचित बैंक से ऋण लेने पर 5 प्रतिशत ब्याज में छूट 5 वर्ष तक का प्रावधान है। इच्छुक कृषक को परियोजना के लिए आवेदन ऑनलाइन करना होगा। अधिक जानकारी के लिए निकटतम कृषि उपजमण्डी कार्यालय में सम्पर्क किया जा सकता है।
वीसी में डीडीएम नाबार्ड राजकुमार, सचिव कृषि उपजमण्डी एन.के. स्वर्णकार मौजूद रहे। वीसी में 3 कृषि उत्पादक संगठनों एफपीओ के मुख्यकार्यकारी अधिकारी प्रगतिशील कृषक हनुमान भाकल, लखविन्दर सिंह एवं कुलदीप सिंह सहित 13 कृषक भी उपस्थित रहे।