अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

दतिया @rubarunews.com सम्पूर्ण जिले में अधिकारी कर्मचारियों की कलमबंद हड़ताल को मिलापूर्ण समर्थन। म.प्र . अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति जिला दतिया ने शिक्षकों अधिकारी कर्मचारियों की 6 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम एस.डी.एम. अशोक सिंह चौहान को समिति के प्रांतीय महामंत्री एवं जिलाध्यक्ष अशोक शुक्ला के नेतृत्व में सौंपा गया।

 

कलम हड़ताल में समर्थन के लिए अधिकारी – कर्मचारी वी.ई.ओ. कार्यालय , डीईओ  कार्यालय, जल संसाधन विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, खनिज, डाईट, बी.आर.सी. कार्यालय , तहसील कार्यालय , जिला कोषालय, एस.डी.एम. कार्यालय, जिला आबकारी कार्यालय एवं कलेक्ट्रेट में जबरदस्त नारेबाजी एवं प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया।

 

इस कलम बंद हड़ताल को सेंवढ़ा, इन्दरगढ़, भाण्डेर एवं सम्पूर्ण दतिया जिले में पूर्ण समर्थन मिला। इस 6 सूत्रीय ज्ञापन में प्रमुख रूप से सहा.शिक्षक / शिक्षक / प्र.अध्यापक मिडिल स्कूल / व्याख्याताओं एक ही पद पर कार्य करते हुये 30 से 35 वर्ष हो चुके है। किन्तु आज तक उन्हें पदोन्नति एवं पदनाम नहीं मिला है।

 

जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नसरूल्लागंज ( सीहोर ) की सभा में 23 दिसम्बर 2017 को यह घोषणा की थी कि आज से ही शिक्षकों को पदनाम दिया जाता है । जिसकी घोषणा क्र . बी -425 एवं 4299 है जिस पर मंत्री परिषद से निर्णय लेने का आग्रह भी किया गया था। जबकि सामान्य प्रशासन विधि, वित्त विभाग आदि विभागो से अनापत्ति सहित पदनाम दिये जाने संबंधी विभिन्न औपचारिकतायें भी पूर्ण कर ली गई है।

 

म. प्र.पासन द्वारा घोशित एवं वित्त विभाग से पारित कर्मचारियों का 5 प्रतिशत डी.ए. के आदेश पर लगाई गई रोक को शीघ बहाल किया जाये । कर्मचारियों की काल्पनिक वेतनवृद्धि की जगह वास्तविक वेतन वृद्धि इसी माह से दी जाये।  पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाये। सरकारी विभागों में भर्ती पर लगा अघोषित प्रतिबंध समाप्त किया जाये।

 

ज्ञापन सौंपने वालों में श्री शुक्ला के साथ संरक्षक कमलकांत शर्मा, डॉ.मुन्नीलाल शर्मा,  कुंजबिहारी गोस्वामी, महामंत्री प्रदीप मिश्रा, संजय शर्मा, सुनीत मिश्रा, मनोज गुप्ता, अनिल शुक्ला, रामसिया शर्मा, संजीव श्रीवास्तव, द्वारकादास सिंधी, ओपी त्रिपाठी, राजेश कतरौलिया, महेश सोनी, ताराचंद सुखानी, शहजाद खान, महेश यादव, सुशान्त द्विवेदी, श्रीमती किरण, शिवशंकर पाठक, सुनील माठे, जीएस चंदेल, पूरचन्द शर्मा, ओपी श्रीवास्तव आदि प्रमुख रूप शामिल थे ।