तिल चौथ मेले से पूर्व श्रद्धालुओं के मार्ग को स्वच्छ करने उतरे युवा गंदगी का ध्यान रखने और पॉलिथीन उपयोग न करने की करी अपील
बूंदीं.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com/- बूंदी के जैत सागर मार्ग के आगे स्थित प्रसिद्ध चौथ माता मंदिर में आगामी 6 जनवरी को आयोजित होने वाले तिल चौथ मेले को ध्यान में रखते हुए रामेष्ट युवा मंडल संस्थान, बूंदी द्वारा “स्वच्छ बूंदी – सुरक्षित विरासत” जन-अभियान के अंतर्गत रविवार को जैत सागर रोड एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता एवं श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी मार्ग से होकर हजारों श्रद्धालु चौथ माता मंदिर दर्शन हेतु पहुँचते हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित एवं साफ-सुथरा मार्ग उपलब्ध कराना तथा आमजन को पॉलिथीन का उपयोग न करने और कचरा सार्वजनिक स्थलों पर न फैलाने के प्रति जागरूक करना रहा। युवाओं ने श्रमदान कर मार्ग किनारे फैले पॉलिथीन एवं अन्य कचरे को हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया।
इस अवसर पर रामेष्ट युवा मंडल संस्थान ने तिल चौथ मेले के आयोजकों, मेले में स्टॉल एवं दुकान लगाने वाले व्यापारियों तथा मेले में किसी भी प्रकार का वितरण करने वाले भामाशाहों से विशेष रूप से निवेदन किया कि वे मेले के दौरान स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें, कचरा इधर-उधर न फैलाएँ तथा विशेषकर पॉलिथीन के उपयोग से बचने का हर संभव प्रयास करें, ताकि धार्मिक आयोजन की पवित्रता बनी रहे।
श्रमदान के पश्चात लौटते समय संस्थान के सदस्यों ने अहिंसा सर्किल के पास स्थित एक छोटे फाउंटेन पार्क की खराब स्थिति को देखा, जिसे आसपास बैठे छोटे दुकानदारों, सब्जी विक्रेताओं एवं वेंडर्स द्वारा कचरा डालने से नुकसान पहुँच रहा था। युवाओं ने तत्परता दिखाते हुए पार्क की साफ-सफाई कर उसे पुनः स्वच्छ स्वरूप प्रदान किया और स्थानीय लोगों को सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने की समझाइश दी।
संस्थान के सदस्यों ने कहा कि स्वच्छता हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है और इस प्रकार के जनहित कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेंगे, जिससे बूंदी की धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रह सके।
इस स्वच्छता अभियान में शिखर पंचोली, रोहन गुर्जर, सोनू कुमार सैनी, नारायण मंडोवरा, विवेक गुर्जर, धैर्य सिंह, तुषार सैनी, रुद्राक्ष सोनी, निशांत मेघवाल, वीरेन्द्र सिंह, प्रसून बाहेती, शैलेंद्र सिंह, दीपक गुर्जर, चेतन गुर्जर एवं नमन सहित अन्य युवा उपस्थित रहे।
