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जिले में भारी बारिश का दौर जारी, पिछले 8 घंटे में 734 एमएम बारिश हुई दर्ज

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-जिले में बीते 24 घंटे से लगातार मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जिले के अधिकांश बांध लबालब हो गए और पानी की आवक जारी है. मौसम विभाग के अनुसार बूंदी जिले में आज सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक 734 एमएम बारिश दर्ज की गई। सर्वाधिक बारिश नैनवां तहसील 338 एमएम, केशोरायपाटन में 165 एमएम दर्ज की गई। वहीं सबसे कम बूंदी तहसील में 29 एमएम दर्ज हुई।
इसी बीच जिले की सभी नदी नाले उफान पर आ गए हैं। घोड़ा पछाड़, मांगली,मेज,तालेड़ा, रीवा नदी उफान पर आ गई. तेज बहाव के चलते गरडदा-बिजोलिया मार्ग पर पुलिया बह गई. पुलिया बहने से गरडदा, बिजोलिया , भोपतपुरा तथा आसपास के गांवों का भीलवाड़ा और बूंदी जिले से संपर्क टूट गया. खेत जलमग्न हो गए. इससे फसलों को भारी नुकसान हुआ. नैनवा,कापरेन, केशोरायपाटन नमाना क्षेत्र में बाढ़ के हालात बने हुए हैं घरों में पानी घुस गया है मुख्य बाजार सड़के जलमग्न है। सिविल डिफेंस की टीम को मौके पर भेजा गया है जिसने रेस्क्यू शुरू किया है तथा लोगों को जल भराव क्षेत्र से दूर सुरक्षित स्थान पर निकाला जा रहा है।जनजीवन ठहर सा गया है। वहीं सरकारी भवन टपकने लगे हैं तो कहीं जर्जर भवन धर सही हो गए हैं नैनवा में बालिका सीनियर सेकेंडरी स्कूल के जर्जर भवन की छत गिर गई है। इस बीच, मौसम विभाग ने बारिश जारी रहने का अलर्ट जारी किया और लोगों से नदी-नालों से दूर रहने को कहा.
ग्रामीणों की परेशानी बढ़ी
गरडदा के उप सरपंच धन्नालाल गुर्जर ने बताया कि भीलवाड़ा क्षेत्र से रीवा नदी में पानी की भारी आवक हुई. नदी में अचानक उफान आया व पुलिया बह गई, आवागमन ठप हो गया ।   पंच मुकेश गोस्वामी ने आरोप लगाया कि सूचना के बावजूद प्रशासन का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, ना तो संसाधन उपलब्ध कराए और ना ही टीम भेजी।
बांध लबालब, विभाग अलर्ट पर
उधर, जल संसाधन विभाग की कनिष्ठ अभियंता मंजू मीणा ने बताया कि जिले के अधिकांश बांध लबालब हो चुके हैं. केवल एक-दो बांध ही बचे हैं, जो अगले कुछ दिन पूरी तरह भर जाएंगे। जिले के दो से तीन बड़े बांध ओवरफ्लो हैं । बरधा बांध सहित कई बांधों में वापस चादर चलने लगी है।
तालाब बन गए खेत : जिले में 24 घंटे से जारी
मूसलाधार बारिश के चलते जिले के नदी नाले बांध  उफान पर है । गरडदा-बिजोलिया मार्ग की पुलिया बहने से आवागमन ठप हो गया ।   आसपास के गांवों के लोग अब वैकल्पिक रास्तों से आवाजाही कर रहे हैं ।   नमाना से निकल रही गुड़ा प्रचार नदी की पुलिया पर 5 फीट पानी आ जाने से श्यामू व हरिपुर गांव का संपर्क कट गया साथ ही दर्जनों गांव का मुख्यालय से संपर्क कट गया। इलाके में खेत तालाब में बदल गए ।   फसलें चौपट हो गई.रीवा नदी में उफान के चलते बूंदी व भीलवाड़ा जिले के कई गांवों का संपर्क कट गया।
अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं सीईओ जिला परिषद ने लिया अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का जायजा
बूंदी के कापरेन क्षेत्र में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण उत्पन्न हुए हालातों का जायजा लेने के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर सुदर्शन सिंह तोमर ने शुक्रवार को प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को पूरी तरह से सतर्कता बरतने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के कड़े निर्देश दिए। वर्षा से प्रभावित विभिन्न स्थानों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने आमजन को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों का निरंतर दौरा किया जा रहा है और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। आमजन की मदद के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं और राहत कार्यों में किसी भी तरह की कमी नहीं रखी जाएगी। क्षेत्र में बारिश का दौर अभी भी जारी है, जिसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हैं।
इसी क्रम में, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रवि वर्मा ने भी अतिवृष्टि से गंभीर रूप से प्रभावित अरनेठा व भीया गांवों का दौरा किया। जलभराव की स्थिति को देखते हुए सीईओ  ट्रैक्टर में बैठकर गांवों के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया।
उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं और हालातों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। ग्रामीणों से चर्चा के बाद, सीईओ वर्मा ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से चिकित्सा, शुद्ध पेयजल और अन्य आवश्यक सेवाओं के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन मूलभूत व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं आनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने स्थानीय निवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे जल बहाव वाले क्षेत्रों और निचले इलाकों में जाने से बचें ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सकें।