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जेंडर आधारित लिंग जाँच व जन्म के समय गिरता शिशु लिंगानुपात विचारणीय- मु. रिजवान परवेज, गर्ल्स काउंट

जेंडर आधारित लिंग जाँच व जन्म के समय गिरता शिशु लिंगानुपात के मुद्दे पर:                          आशा सहयोगिनी की क्षमतावर्धन कार्यशाला सम्पन्न                                                    सभी ने लिंग परीक्षण के समर्थन नहीं करने का संकल्प लिया और सामूहिक शपथ भी ली        दतिया @Rubarunews.com>>>>>>>>>>>>>>> जेंडर आधारित लिंग जाँच व जन्म के समय गिरता शिशु लिंगानुपात के मुद्दे पर जिलेभर की आशा सहयोगिनी (आशा फेसिलिटेटर) की क्षमतावर्धन कार्यशाला का आयोजन जिला स्वास्थ्य समिति के निर्देशन में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) गर्ल्स काउंट व स्वदेश ग्रामोत्थान समिति के संयुक्त तत्वावधान में होटल तान्या पैलेस में किया गया। कार्यशाला में उनाव, भांडेर व सेंवढ़ा ब्लॉक से सीबीएमओ, बीसीएम व आशा सहयोगिनी उपस्थित रहीं।

आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि डॉ. बी.के. वर्मा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने लिंगानुपात को सुधारने में आशा सहयोगिनी व आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। वहीं नोडल ऑफीसर पीसीपीएनडीटी डॉ डी.के. सोनी ने जिले की स्थिति को बताते हुए समय-समय पर जागरूकता गतिविधियों के आयोजन पर जोर दिया। डीपीएम डॉ सौमित्र व डीसीएम सुधीर गुप्ता ने मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यशाला के द्वितीय सत्र में यूएनएफपीए कंसलटेंट श्री अनुराग सोनवाकर ने जेंडर आधारित लिंग जाँच व गिरते हुए शिशु लिंगानुपात पर व्यापक जानकारी देते बताया कि हुए आशा सहयोगिनी ग्रामीण स्तर पर परिवर्तन की सबसे मजबूत कड़ी हैं और उनके माध्यम से जेंडर भेदभाव के खिलाफ प्रभावी प्रयास किए जा सकते हैं।

गर्ल्स काउंट के नेशनल कोऑर्डिनेटर श्री मु. रिजवान परवेज द्वारा पीसीपीएनडीटी एक्ट व एमटीपी एक्ट के प्रावधानों पर प्रभावी प्रस्तुतिकरण  किया। श्री रिजवान जी ने जानकारी देते हुए लिंग चयन आधारित भेदभाव, लिंग जाँच को कानूनी रूप से अवैध बताया साथ ही दोषियों को सजा व जुर्माना विस्तार से बताया। वही जयपुर से आई रिसोर्सपर्सन श्रीमती कल्पना गुप्ता ने प्रतिभागियों से लिंग चयन व जेंडर भेद पर आधारित प्रश्नों की श्रृंखला के माध्यम से जागरूक करने का प्रयास किया।

नई दिल्ली गर्ल्स काउंट की सुश्री सुरभि शर्मा ने जैंडर पर प्रस्तुतिकरण करते हुए परामर्श  कौशल (काउंसलिंग) की तकनीकी जानकारी दी। स्वदेश संस्था के सचिव पीयूष राय ने सभी का स्वागत भाषण के माध्यम से करते हुए कार्यशाला के उद्देश्य स्पष्ट किए। गर्ल्स काउंट नई दिल्ली के दीपेश कपूर ने कार्यक्रम प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए संचालित अभियान के बारे में व्यापक जानकारी दी।

कार्यशाला का प्रभावी संचालन रामजीशरण राय ने करते हुए क्षेत्रीय स्थिति की जानकारी देते हुए स्थानीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि लिंग चयन न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह सामाजिक असंतुलन और महिलाओं के विरुद्ध हिंसा को भी जन्म देता है। आशा सहयोगिनियों को यह भी प्रशिक्षित किया गया कि वे गर्भवती महिलाओं की काउंसलिंग कैसे करें, भ्रांतियों को कैसे दूर करें तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना संबंधित विभाग तक कैसे पहुँचाएँ।

कार्यक्रम के अंत मे एम्बैड परियोजना के जिला समन्वयक अशोककुमार शाक्य ने करते हुए सभी अतिथियों, रिसोर्सपर्सन व प्रतिभागियों के आभार व्यक्त किया। उक्त जानकारी बलवीर पाँचाल क्षेत्रीय समन्वयक स्वदेश संस्था ने आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए संस्था के प्रयासों के बारे में बताया। कार्यक्रम के अंत में बाल कल्याण समिति सदस्य , सदस्य जिला सलाहकार समिति पीसीपीएनडीटी रामजीशरण राय ने सामूहिक शपथ दिलाई।