खबरताजातरीनदतियामध्य प्रदेश

आपदा जोखिम न्यूनीकरण परियोजना के अंतर्गत समितियों का गठन एवं बेसिक प्रशिक्षण संचालित

आपदा प्रबंध संस्थान भोपाल, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण व स्वदेश संस्था के संयुक्त तत्वावधान में:

प्राकृतिक व मानव जनित आपदाओं के प्रति सजगता हेतु प्रशिक्षण आयोजित

दतिया @Rubarunews.com>>>>>>>>>>>>>> ग्राम स्तरीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण परियोजना के अंतर्गत समितियों का गठन एवं बेसिक प्रशिक्षण आपदा प्रबंध संस्थान भोपाल, मध्यप्रदेश, संवेदनशील कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े व अपर कलेक्टर श्री महेन्द्र सिंह कवचे के मार्गदर्शन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण दतिया के निर्देशन में नोडल संस्था स्वदेश ग्रामोत्थान समिति दतिया द्वारा आयोजित किए जा रहे हैं।

आपदा जोखिम न्यूनीकरण परियोजना के तहत चयनित ग्रामों में महत्वपूर्ण पहल के क्रियान्वयन हेतु ग्राम स्तरीय आपदा प्रबंधन समितियों एवं आपदा प्रबंधन दलों का गठन कर उनकी क्षमतावर्धन के लिए सुनियोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को प्राकृतिक व मानव जनित आपदाओं के प्रति सजग, सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में स्थानीय स्तर पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। चयनित ग्रामों में समिति गठन की प्रक्रिया के तहत विभिन्न वर्गों—जैसे जन प्रतिनिधियों, युवा मंडलों के युवाओं, स्वसहायता समूहों की महिलाओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ता, आशा सहयोगी एवं अन्य सक्रिय ग्रामीणों—को शामिल कर एक सशक्त आपदा प्रबंधन तंत्र विकसित किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दौरान प्रतिभागियों को आपदा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की जा रही है। इसमें आपदा पूर्व तैयारी (Preparedness), आपदा के दौरान बचाव एवं राहत (Response) तथा आपदा के पश्चात पुनर्वास (Recovery) के महत्वपूर्ण चरणों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही, प्राथमिक उपचार (First Aid), खोज एवं बचाव (Search & Rescue), सुरक्षित निकासी (Evacuation), संचार एवं समन्वय (Communication & Coordination) जैसे व्यावहारिक विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण के अंतर्गत मॉक ड्रिल एवं व्यवहारिक अभ्यास भी कराए जा रहे हैं, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने का अनुभव प्राप्त हो सके। इससे ग्राम स्तर पर त्वरित निर्णय लेने की क्षमता एवं सामूहिक कार्यप्रणाली को मजबूती मिल रही है। इस पहल के माध्यम से न केवल आपदा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, बल्कि ग्रामीणों में आत्मविश्वास भी विकसित हो रहा है कि वे आपात स्थिति में स्वयं एवं अपने समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। यह कार्यक्रम आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक सशक्त एवं स्थायी मॉडल के रूप में विकसित हो रहा है, जो भविष्य में अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।जिला प्रशासन एवं संबंधित संस्थाओं द्वारा इस अभियान को निरंतर विस्तार दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामों को इस परियोजना से जोड़ा जा सके और एक सुरक्षित एवं सुदृढ़ समाज का निर्माण किया जा सके।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में संस्था के प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को आपदा से पूर्व तैयारी, आपदा के दौरान बचाव एवं राहत कार्य, प्राथमिक उपचार, सुरक्षित निकासी (एवाक्युएशन), आगजनी, बाढ़, आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली, सर्पदंश, तापघात (हीटवेव), शीतलहर (कोल्डवेव), अतिवृष्टि एवं अन्य प्राकृतिक व मानव जनित आपदाओं से निपटने के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है। अभियान के तहत आपदा के समय सामुदायिक सहयोग, संसाधनों के बेहतर उपयोग और सूचना तंत्र को मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

आपदा प्रबंधन मुख्य प्रशिक्षक व कार्यकारी निदेशक स्वदेश संस्था रामजीशरण राय ने बताया कि ग्राम स्तर पर प्रशिक्षित दल होने से किसी भी आपात स्थिति में प्रारंभिक राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जा सकते हैं, जिससे जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आपदा आने पर प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।

स्वदेश ग्रामोत्थान समिति के प्रतिनिधियों बलवीर पाँचाल, पीयूष राय, अशोक कुमार शाक्य, शुभम बघेल व भूपेंद्र कुशवाहा द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले के विभिन्न चयनित गांवों में चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को आपदा के प्रति जागरूक, सतर्क और सक्षम बनाना है, ताकि वे किसी भी संकट की स्थिति में स्वयं और अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।

इस प्रक्रिया में बलवीर पाँचाल, अशोक कुमार शाक्य, शुभम बघेल, भूपेन्द्र कुशवाहा, आयुष राय, प्रीति शिवहरे, अंकुश दाँगी, उदय दाँगी सहित संस्था कार्यकर्ताओं के प्रयास सराहनीय है। उक्त जानकारी स्वदेश संस्था सचिव पीयूष राय ने दी।