भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का मध्य प्रदेश राज्य स्तरीय शताब्दी वर्ष का समापन
रीवा.Desk/ @www.rubarunews.com-भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का मध्य प्रदेश राज्य स्तरीय शताब्दी वर्ष समापन समारोह रीवा में 28 दिसम्बर 2025 को आयोजित हुआ ।इस अवसर पर भाकपा नेताओं ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संघर्ष और कुर्बानी की एक सदी के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए फासीवाद के खिलाफ निर्णायक संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के शताब्दी वर्ष समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव का. शैलेन्द्र कुमार शैली रहे। विशिष्ट अतिथि राज्य के पूर्व सचिव का. अरविंद श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिवक्ता, उच्च न्यायालय जबलपुर थे। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य का. हरिद्वार सिंह भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला सचिव रीवा का. गया प्रसाद मिश्रा ने की तथा सफल संचालन का. संजय नामदेव, सिंगरौली के रूप में प्रसिद्ध कम्युनिस्ट नेता, द्वारा किया गया।वक्ताओं ने स्थापना काल से लेकर आज़ादी तक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ऐतिहासिक भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा आज़ादी के बाद जनवादी गणराज्य की स्थापना के लिए पार्टी द्वारा किए जा रहे निरंतर संघर्ष की चर्चा की। अपने उद्बोधन में का. शैलेन्द्र कुमार शैली ने कहा कि मौजूदा सरकार की जनविरोधी नीतियों को उजागर करते हुए कहा कि यह सरकार एक फासीवादी सरकार है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने सबसे पहले भारत में फासीवाद की आहट को पहचाना था और तभी से कम्युनिस्ट कार्यकर्ता लगातार फासीवाद के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। कम्युनिस्ट पार्टी का दर्शन मार्क्सवाद का दर्शन है और मार्क्सवाद पक्षधरता का दर्शन है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि हमारी राजनीतिक समझ के कारण हमारी प्रतिबद्धता मेहनतकश वर्ग के साथ है और लूटने वालों के खिलाफ है। “सबका साथ, सबका विकास” की अवधारणा को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की प्रतिबद्धता इस देश के करोड़ों मेहनतकश लोगों के साथ है, चाहे वे किसान हों, मजदूर हों, महिलाएँ हों, छात्र हों या युवा हों। जो भी मेहनतकश अवाम है, उसके जीवन को बेहतर बनाने के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी आज़ादी के बाद भी संघर्ष कर रही है। सभा को संबोधित करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य का. हरिद्वार सिंह ने राजनीतिक व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह वह कठिन दौर है जब हमारे जनवादी अधिकार लगातार समाप्त किए जा रहे हैं। संवैधानिक संस्थाओं को आरएसएस के चंगुल से मुक्त कराने के लिए कम्युनिस्ट पार्टी को एक जुझारू संघर्ष खड़ा करना होगा। उन्होंने कहा कि जब-जब सत्ता में कम्युनिस्ट पार्टी का दखल रहा है, तब-तब जनता के हितों में कानून बनाए गए। मनरेगा, सूचना का अधिकार, बैंकों का राष्ट्रीयकरण, कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण और प्रिवी पर्स की समाप्ति जैसे उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी हमेशा से राजशाही और पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ रही है। सभा को संबोधित करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के का. अरविंद श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिवक्ता, ने अपने उद्बोधन में किसानों के बुनियादी सवालों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के लालमणि त्रिपाठी, जिला पंचायत सदस्य वार्ड क्रमांक 15 रीवा, उत्तर प्रदेश जौनपुर से महिला फेडरेशन की राष्ट्रीय नेता अंजू शास्त्री (एडवोकेट), का. रामानुज तिवारी, का. अरुण सिंह तिवारी (सतना), कमलेंद्र सिंह राम, सरोज कुशवाहा (सतना), का. हरिश्चंद्र पांडेय, का. सेवाराम त्रिपाठी (अध्यक्ष, प्रगतिशील लेखक संघ), श्रीमती अरुणा पटेल एडवोकेट, श्रीमती विभा पांडेय, रामचरण पटेल, नीरज एडवोकेट सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर वरिष्ठ साथियो कामरेड घनश्याम सिंह कामरेड बद्री कामरेड बुद्धि सेन कॉमरेड रामचरण पटेल व अन्य साथियों को श्रीफल, साल एवं प्रतीक-चिह्न भेंट कर सम्मान किया। ये वे साथी हैं जिन्होंने अपनी तरुणाई से लेकर आज तक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उसूलों पर चलते हुए जनता के हितों के लिए निरंतर संघर्ष किया है और आज भी सक्रिय रूप से संघर्षरत हैं। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता एवं आमजन उपस्थित रहे।
