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राजस्थान के रामगढ़-विषधारी व मुकुन्दरा-हिल्स में दिल्ली से लाए चित्तीदार हरिणों का आकलन शुरू

बूंदी.KrishnakantRathore/ @www.rubarunews.com-दिल्ली के डियर पार्क से राजस्थान के रामगढ़ विषधारी व मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में चीतलों को शिफ्ट करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दर्ज याचिका व चीतलों की शिफ्टिंग पर रोक के मामले में एक उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय अध्ययन दल ने कोटा-बूंदी स्थित दोनों टाइगर रिजर्व में पहुंचकर जानकारी जुटाई व जंगल में प्रे बेस की स्थिति देखी। टीम में शामिल सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी के सदस्य सुनील लिमये, डॉ. जे. आर. भट्ट और वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साइंटिस्ट डॉ. सनथ मुलिया ने टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के साथ कोर क्षेत्र में भ्रमण कर प्रे बेस की वस्तुस्थिति का अध्ययन किया। गौरतलब है कि दिल्ली के डियर पार्क से रामगढ़ विषधारी व मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिकारी जानवरों के फूड चेन के लिए चीतलों को भेजने पर न्यू दिल्ली नेचर सोसायटी द्वारा लगाई रिट याचिका की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने चीतल शिफ्टिंग की प्रक्रिया पर रोक लगाई थी।
केंद्रीय सशक्त समिति का यह दौरा उन क्षेत्रों का स्थलीय आकलन करने के उद्देश्य से किया गया, जहाँ पूर्व में चीतल (स्पॉटेड डियर) का स्थानांतरण किया गया था, तथा आवासीय परिस्थितियों, जल एवं चारे की उपलब्धता और समग्र प्रबंधन पहलुओं की समीक्षा की गई। समिति के निष्कर्ष एवं अनुशंसाएँ निर्धारित समय-सीमा के भीतर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी तथा आगे की किसी भी कार्रवाई को न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ही किया जाएगा।