अवैध कॉलोनियों पर कार्यवाही जारी, 5 स्थानों पर चली जेसीबी 23 कॉलोनियों की जांच कर प्रतिवेदन देने के निर्देश
श्योपुरDesk/ @www.rubarunews.com-कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा की अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्ती आज भी जारी रही, जैदा, जाटखेडा तथा श्योपुर में कुल 5 अवैध कॉलोनियों पर जेसीबी चलाते हुए उनमें बनाई गई सडको एवं मार्गो को नष्ट करने की कार्यवाही की गई। इस दौरान एसडीएम गगन सिंह मीणा, तहसीलदार श्रीमती मनीषा मिश्रा आदि राजस्व अमला मौजूद रहा।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा एसडीएम श्योपुर को 23 कॉलोनियों के संबंध में विभिन्न बिन्दुओं पर जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये है तथा कॉलोनियों के मामले में तहसीलदार एवं उप पंजीयक को निर्देशित किया गया है कि जब तक कॉलोनी विकास अनुमति या नियमितीकरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत नही किये जाते, तब तक न तो रजिस्ट्री की जाये और न ही नामांतरण स्वीकर किये जायें। आमजन को कॉलोनी की वैद्यता के संबंध में जानकारी प्रदान करने के लिए डिप्टी कलेक्टर संजय जैन की अध्यक्षता में जिला कॉलोनी सेल का गठन भी किया गया है।
आज 5 स्थानों पर हुई कार्यवाही
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा अवैध कॉलोनियों के विरूद्ध चलाई जा रही मुहिम के तहत आज श्योपुर सहित जैदा एवं जाटखेडा में 5 स्थानों पर कार्यवाही करते हुए जेसीबी के माध्यम से उनमें बनाये गये रास्तों, मार्गो एवं सीसी सडक को नष्ट करने की कार्यवाही की गई।
तहसीलदार श्रीमती मनीषा मिश्रा ने बताया कि जैदा में सर्वे क्रमांक 75/8 रकबा 1.254 हेक्टयर जो कि अशोक सर्राफ के नाम दर्ज है, पर काटी जा रही अवैध कॉलोनी पर कार्यवाही की गई है। इसी प्रकार जैदा के सर्वे नंबर 269/3 एवं 273 मिन में जाहिद अली के नाम से दर्ज भूमि पर अवैध निर्माणों को हटाया गया है। उन्होंने बताया कि जाटखेडा में सर्वे क्रमांक 51/1 एवं 51/2/2 रकबा 4.221 हेक्टयर भूमि जो कि राकेश कुमार, सुरेश कुमार एवं विमल राय के नाम से दर्ज है, इस भूमि पर काटी जा रही अवैध कॉलोनी में बनाये गये मार्गो एवं सीसी सडक को जेसीबी के माध्यम से हटाया गया है।
श्योपुर कस्बे के सर्वे नंबर 1549/2 एवं 1553/2 पीएनबी के पीछे रकबा डेढ बीघा भूमि जो कि मनोज अग्रवाल एवं दीनदयाल गुप्ता के नाम दर्ज है। इसी प्रकार अस्पताल के पीछे बायपास रोड पर सर्वे नंबर 1683/1 एवं 1683/2 रकबा 9300 वर्गमीटर जो कि सरफुद्दीन के नाम से दर्ज है, पर काटी गई अवैध कॉलोनियों में भी जेसीबी चलाकर सीसी सडको एवं मार्गो को नष्ट करने की कार्यवाही की गई।
कराहल में तहसीलदार सुश्री रोशनी शेख द्वारा सर्वे नंबर 1383 में शासकीय भूमि पर अस्थाई निर्माण कर किये गये अवैध अतिक्रमण को जेसीबी के माध्यम से हटाने की कार्यवाही की गई है।
23 कॉलोनियों की जांच कर प्रतिवेदन देने के निर्देश
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा 23 कॉलोनियों के संबंध में एसडीएम गगन सिंह मीणा को प्रतिवेदन देने के निर्देश दिये गये है, निर्देशो में कहा गया है कि उक्त भूमियों पर अवैध प्लाटिंग की जा रही है, साथ ही शासकीय भूमि का भी व्यवसायिक लाभ हेतु उपयोग किया जा रहा है। इन कॉलोनियों के संबंध में निर्देश दिये गये है कि क्या भूमि पूर्व में शासकीय पट्टे, भूदान अथवा किसी अन्य प्रतिबंधित श्रेणी की रही है? मिसल बंदोबस्त एवं खसरा पंचशाला से वर्तमान स्थिति का मिलान कर रकबे की पुष्टि करें। क्या मौके पर बिना अनुमति अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है? क्या वहां डब्ल्यू.बी.एम. पहुँच मार्ग अथवा ड्रेनेज हेतु क्या शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। क्या संबंधित कॉलोनाइजर द्वारा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएनसीपी) से ले-आउट अनुमोदित कराया गया है? क्या म.प्र. नगर पालिका अधिनियम के तहत विकास अनुमति प्राप्त की गई है। क्या अवैध कॉलोनी के विस्तार में आस-पास की शासकीय भूमि को प्रभावित या सम्मिलित किया गया है। क्या कॉलोनी विकास कार्य के दौरान वृक्षों को काटा गया है? कॉलोनी विकास के दौरान कितने वृक्ष काटे गए? क्या इसके लिए सक्षम प्राधिकारी से वृक्ष काटने की अनुमति ली गई थी? यदि नहीं, तो दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई? क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण एवं जुर्माने की स्थिति स्पष्ट करें। क्या कॉलोनी विकास की अनुमति के बिना भूखंडों का विक्रय किया गया है? यदि हाँ, तो क्रेता-विक्रेता की विस्तृत सूची प्रस्तुत करें। अवैध कॉलोनी विकसित करने वाले मुख्य व्यक्तियों/संस्थाओं के नाम क्या हैं? उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करें।
इन 23 कॉलोनियों में कस्बा श्योपुर के सर्वे क्रमांक 511, 389/2, 392/2, 393/1, 394/1, 398/2, 372/1, 373/3, 372/1, 1681/3, 581, 563, 285 मिन 2/1, 1721, 1722, 403/मिन2, 409, 522ख, 540, 541, सलापुरा की 269/4 मिन2, 170/2, 169/2, 179/1, 169/1, 170/3, कनापुर की 850, 775/1, 850, 851 एवं जैदा की 75/10 स्थित कॉलोनियां शामिल है।
जिला कॉलोनी सेल का गठन
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा आम नागरिकों को वैद्य कॉलोनियों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए डिप्टी कलेक्टर संजय जैन की अध्यक्षता में जिला कॉलोनी सेल का गठन किया गया है। डिप्टी कलेक्टर एवं परियोजना अधिकारी डूडा विजय शाक्य, उप पंजीयक सौरभ शाक्य सहित श्योपुर, बडौदा, विजयपुर के सीएमओ, श्योपुर, कराहल, विजयपुर के सीईओ तथा श्योपुर, विजयपुर, कराहल, वीरपुर एवं बडौदा के तहसीलदार सदस्य रहेंगे। लिपिकीय कार्य के लिए सहायक ग्रेड-3 श्रीमती निष्ठा गुप्ता को दायित्व दिया गया है। यह सेल जिले में विकसित की जा रही कॉलोनियों की वैद्यता एवं अवैद्यता का परीक्षण करेंगी, अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के विरूद्ध दस्तावेजी जांच कर विधिक कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी। अवैध कॉलोनियों में काटे गये भू-खण्डो की संख्या, भूमि स्वामी का नाम, कुल रकबा, भूमि किसकी थी, कॉलोनी विकसित करने वाले व्यक्तियों का विवरण संकलित करने का कार्य भी करेगी तथा आम नागरिकों को कॉलोनी की वैद्यता के संबंध में जानकारी प्रदान करेगी।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कहा है कि अवैध कॉलोनियों पर कार्यवाही जारी रहेगी। बगैर अनुमति एवं नागरिक सुविधाओं के कॉलोनी काटने वालों को बक्शा नही जायेगा। अवैध कॉलोनाईजरों के चंगुल में आकर आम नागरिक इन कॉलोनियों में प्लाट खरीद लेते है, इसके बाद उन्हें किसी प्रकार की नागरिक सुविधाएं नही मिल पाती है और वे परेशान होते है। अवैध कॉलोनियों में न तो नामांतरण हो पाते है, और न ही आवास के लिए ऋण मिल पाता है। उन्होंने कहा कि कॉलोनियां वैध रूप से सभी प्रकार की अनुमतियां प्राप्त कर काटी जायें, जिससे कॉलोनियों में बेहतर नागरिक सुविधाएं विकसित हो सकें और इन कॉलोनियों में प्लाट खरीदने वाले लोग पूरी सुविधा के साथ रह सकें।
कॉलोनियों के पंजीयन तथा नामातंरण न करने के निर्देश
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा कस्बा श्योपुर की भूमि सर्वे क्रमांक 375/2/2 सर्वे क्रमांक 411, 412, 413 ग्राम बगवाज की भूमि सर्वे क्रमांक 564 एवं ग्राम जैदा की भूमि सर्वे क्रमांक 75/11 पर गिर्राज गुप्ता एवं बडौदा की भूमि सर्वे क्रमांक 3388 एवं जाटखेडा की भूमि सर्वे क्रमांक 290 पर कुंजबिहारी मंगल द्वारा काटी गई कॉलोनियों के संबंध में प्रस्तुत आवेदन के क्रम में नियमानुसार शुल्क जमा कराने एवं कॉलोनी का वैध नियमितीकरण होने तक उप पंजीयक श्योपुर एवं तहसीलदार श्योपुर को निर्देश दिये गये कि उक्त सर्वे नंबरों से संबंधित किसी भी भू-खण्ड या भूमि के क्रय-विक्रय का पंजीयन तब तक न करें, जब तक कि कॉलोनी विकास अनुमति या नियमितीकरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत न किये जायें। इसी प्रकार तहसीलदारों द्वारा नामांतरण नही किये जायें और उक्त सर्वे नंबरों के खसरा कॉलम नंबर-12 में अवैध कॉलोनी होने से नामांतरण एवं क्रय-विक्रय प्रतिबंधित की प्रवृष्टि दर्ज की जाये।
