प्रदेश में जनकल्याण एवं विकास के कार्यो में कमी नहीं आने देंगे : मुख्यमंत्री

भोपाल.Desk/ @www.rubarunews.com>> मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संकटकाल में राशि की कमी तो है लेकिन प्रदेश में जनकल्याण एवं विकास कार्य रूकेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि आने वाले 3 वर्षो में प्रत्येक घर में नल के माध्यम से घर-घर शुद्ध पीने का पानी पहुंचाया जाएगा एवं प्रत्येक गरीब का अपना पक्का मकान होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान गुना जिले के बमौरी में लगभग 640 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन कर विकास पर्व सह-अन्त्योदय मेले को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बमौरी आने के पूर्व 101 करोड़ रूपये की प्रतिभावान छात्रों के खातों में लेपटॉप के लिए अंतरित की गयी है। प्रदेश में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना लागू की गई, जिसमें लगभग 77 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण काल समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना पुन: प्रारंभ होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि खैरूआ जाति अनुसूचित जनजाति में शामिल की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम में आये किसानों से चर्च कर उनकी सोयाबीन की प्रभावित फसल को भी देख्शा। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों में किसानों को राहत राशि प्रदान की जाएगी। इस हेतु ईमानदारी से सर्वे करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा गुना जिले के विकास पर केन्द्रित ”विकास के नए आयाम” पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कोरोना वायरस से संक्रमित पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  महेन्द्र सिंह सिसौदिया के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना भी की।

इस अवसर पर कोरोना वायरस से संक्रमित पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  महेन्द्र सिंह सिसौदिया द्वारा भोपाल के चिरायु अस्पताल से ऑनलाईन संबोधित किया और बमौरी क्षेत्र के संपूर्ण विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

राज्यसभा सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रदेश की सरकार हर असंभव कार्य को संभव कार्य में बदलने वाली सरकार है। प्रदेश में प्रदेश के चहुंमुखी विकास और जन-कल्याण के लिए शिव-ज्योति एक्सप्रेस के रूप में विकासीय कार्यो को गति देंगे।

इस अवसर पर गुना विधायक  गोपीलाल जाटव, पूर्व विधायक श्रीमति ममता मीणा एवं  पन्नालाल शाक्य,  गजेन्द्र सिंह सिकरवार,  महेन्द्र सिंह किरार मौजूद रहे।