पेट्रोल पंप संचालक को कारण बताओ सूचना पत्र जारी

श्योपुर.desk/ @www.rubarunews.com>> कलेक्टर  राकेश कुमार श्रीवास्तव ने पेट्रोल पम्प संचालक श्रीमती अनिता सिहंल पत्नी  सतीश सिंहल को बिना कलेक्टर कार्यालय के सूचना के पेट्रोल वाहन द्वारा डीजन विक्रय करने पर से कारण बताओ पत्र जारी किया है।
जारी नोटिस में कहा है कि भारत सरकार एवं पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन विभाग द्वारा ऐसे वाहनो को जो कि अत्यधिक उचाई अथवा गहराई में लोडिंग एवं अनलोडिंग का कार्य करते है। उनको पेट्रोलिंग वाहन द्वारा मौके पर ईधन उपलब्ध कराने की सुविधा अनुमति लेकर प्रदाय की गई है। उक्त पत्र के द्वारा 1 लगायत 16 बिन्दु के निर्देश जारी किये गये है। जिसके बिन्दु क्रमांक 11 में उल्लेख किया गया है कि ऐसे वाहन जो हेवी व्हीकल/मशीनरी की श्रेणी में आते है। जो आकार में बडे होते है एवं शहर से दूर कृषि कार्य में संलग्न, खनन कार्य, ठेकेदार के अंतर्गत पंजीकृत बडे वाहन जिनको अधिक मात्रा में डीजल की आवश्यकता होती है तथा डीजल पम्प पर आने में असुविधा होती है। उनको पेट्रोलिंग वाहन द्वारा निर्धारित स्थान पर डीजल प्रदाय किये जाने की सुविधा की दृष्टि से पेट्रोलिंग वाहन का वैकल्पिक व्यवस्था दी गई है। जिसके लिये निर्धारित क्षेत्रत्र का उल्लेख करते हुए तथा सुविधाजनको को अनुरूप डीजल प्रदाय किया जाता है। जिसकी योजना का नक्शा तैयार कर संबंधित पेट्रोलिंग वाहन मालिक को जिला प्रशासन को अवगत करायेगा। परंतु आपके द्वारा कार्यालय को बिना कोई सूचना दिये पेट्रोलिंग वाहन द्वारा शहर श्योपुर में जहाॅ-तहाॅ अपना पेट्रोलिंग वाहन खडा कर डीजल विक्रय किया जा रहा है।
इसी प्रकार आपके द्वारा किस कम्पनी की अनुमति प्राप्त कर पेट्रोलिंग वाहन के माध्यम से डीजल का विक्रय किया जा रहा है। इसकी पूर्व सूचना जिला प्रशासन एवं खाद्य विभाग को नही उी गई है। आपके द्वारा उचाई एवं गहराई में कार्य करने वाले बडे वाहनो की मैंपिग भी नही की गई है। जिससे स्पष्ट होता है कि आपके द्वारा शासन के निर्देशो/आदेशो की अवहेलना की कर अपनी मनमर्जी पूर्वक फर्म से डीजल का विक्रय किया जा रहा है।
आपका उक्त कृत्य भारत सरकार, पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन मप्र के निर्देशो/आदेश का स्पष्ट उल्लघंन मानते हुए दण्डनीय अपराध है। कारण बताये कि आपके द्वारा शहर श्योपुर में पेट्रोलिंग वाहन द्वारा विक्रय किये जा रहे डीजल की बिक्री को अनियमित मानते हुए एवं सार्वजनिक सुरक्षा की दृष्टि से उक्त विक्रय को तत्काल बंद करते हुए अभियोजन की कार्यवाही की जावे।
साथ ही सूचना पत्र प्राप्ति के 03 दिवस के अन्दर अघोहस्ताक्षकर्ता के समक्ष उपस्थित होकर अपना जबाव प्रस्तुत करने को कहा है। जबाव प्रस्तुत न करने की स्थिति में आवश्यक कार्यवाही की जावेगी।