जातिवाद की त्रासदी

भोपाल.शैलेन्द्र शैली/ @www.rubarunews.com>>चुनावों में यदि जातिवाद और उससे जुड़ी मूर्खताओं का महिमा मंडन हो रहा हो तो यह समझना चाहिए कि जनता के हित से जुडे़ बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने की कोई बड़ी साजिश हो रही है ।जातिवाद हमेशा ही मेहनतकश जनता के लिए घातक साबित हुआ है। जातिवाद से हर बार क्रान्ति की संभावना बाधित हुई है ।कितने ही जन आंदोलन जातिवाद के कारण ही कमजोर हुए हैं। शोषक सत्ता अपनी सुरक्षा के लिए जातिवाद को हथियार की तरह इस्तेमाल करती है ।
जातिवाद की त्रासदी का तर्क संगत विचार और विवेक से प्रतिरोध करना चाहिए। इस हेतु जन शिक्षण बेहद जरूरी है।