जयंती 13 सितम्बर पर स्मरण -भगवत रावत जी का अविस्मरणीय अवदान

भोपाल.शैलेन्द्र शैली/ @www.rubarunews.com- प्रेम, करुणा, न्याय, मानवता और प्रगतिशील जीवन मूल्यों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के साथ अपने रचनात्मक दायित्व का निर्वहन जिस तरह भगवत रावत जी ने किया, वह उनके महत्व को प्रतिपादित करता है।

हमसे संवाद करती उनकी कविताओं को फिर एक बार पढ़ें तो लगता है कि हम आज जिन चौतरफा संकटों को झेलने के लिए मजबूर हैं, उनको लेकर भगवत रावत जी ने तो बहुत पहले से आगाह किया था।
भगवत रावत जी की कविताएं हमसे संवाद करती हैं, प्रेम, करुणा और मुनुष्यता को बचाने का आग्रह करती हैं, दोहरे चरित्र को लेकर चिंता व्यक्त करती हैं। जीवन के आदर्शों और महान लक्ष्यों से विमुख होने पर फटकारती हैं। प्रतिगामी, फासीवादी ताकतों के शक्तिशाली होते जाने को लेकर आगाह करती हैं। धर्म, संस्कृति, इतिहास और राष्ट्र के नाम पर फासीवादी ताकतें जिस तरह नफरत की राजनीति का धंधा कर रही हैं, उसके सम्बन्ध में भगवत रावत जी ने कई कई बार अपनी कविताओं के माध्यम से सचेत किया था।
उनकी कविताओं से बार बार संवाद करने पर हमारे प्रतिरोध को ऊर्जा मिलती है।
तर्क संगत समझ और दूरदर्शिता को अभिव्यक्त करता भगवत रावत जी का अवदान अविस्मरणीय है।