पुस्तक और पाठक के मध्य सेतु का कार्य करता है समीक्षक – अशोक भाटिया

भोपाल.Desk/ @www.rubarunews.com-पुस्तक और पाठक के मध्य समीक्षक सेतु का कार्य करता है ,ऐंसे कठिन समय में जब पाठक पुस्तकों से विमुख हो रहे हों ऐंसे समय में पाठकों को पुस्तकों से जोड़ने के लिए यह पुस्तक पखवाड़े का आयोजन ऐतिहासिक है | यह उदगार हैं वरिष्ठ साहित्यकार अशोक भाटिया के जो लघुकथा शोध केंद्र भोपाल एवम अपना प्रकाशन द्वारा आयोजित ‘पुस्तक पखवाड़े’ में लघुकथाकार मुज़फ्फर इकबाल सिद्दीकी के सद्य प्रकाशित लघुकथा सँग्रह ‘अम्मा अभी ज़िन्दा है ‘ पर अपना अध्यक्षीय वक्तव्य दे रहे थे |                              मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए वरिष्ठ साहित्यकार सुभाष नीरव ने कहा कि -‘ बच्चों की आयु और मानसिकता को दृष्टि में रखकर किया गया बाल साहित्य सृजन ही श्रेष्ठ होता है, बाल कविताओं में सरलता सहजता एवम लयात्मकता होना आवश्यक है जिससे बच्चे कविताओं को सहज कंठस्थ कर सकें ,| इस अवसर पर पुस्तक केंद्रित समीक्षा में समीक्षक घनश्याम मैथिल “अमृत” ने ‘अम्मा अभी ज़िन्दा है ‘लघुकथा सँग्रह की लघुकथाओं को मानवीय संवेदना से संपृक्त सामाजिक सरोकारों की अनुभूतिजन्य ह्रदयस्पर्शी लघुकथाएं बताया | वरिष्ठ साहित्यकार कांता रॉय ने बाल कविता संग्रह ‘सपन मासूम नयनों के ‘ रचनाकार कांति शुक्ला पर चर्चा करते हुए कहा कि ‘इन कविताओं में छंद है लय है गति है आनन्द है |’                   कार्यक्रम में समीक्षक लघुकथाकार सुनीता प्रकाश ने भी इन कृतियों पर अपनी बात प्रस्तुत की विशिष्ठ अतिथि के रूप में बोलते हुए वरिष्ठ साहित्यकार सन्तोष श्रीवास्तव ने ऐंसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल देते हुए दोनों कृतिकारों को बधाई दी | कार्यक्रम का सफल और सुमधुर संचालन गौकुल सोनी ने किया कार्यक्रम के अंत में रचनाकार द्वय ने आभार प्रकट किया इस महत्वपूर्ण आयोजन में डॉ बलराम अग्रवाल ,अरुण अर्णव खरे, राज बोहरे, शशि बंसल, डॉ कुमकुम गुप्ता ,डॉ मालती बसन्त सहित अनेक साहित्य प्रेमी उपस्थित थे |