श्रीरामानुज धाम पर गीता जयंती समारोह का हुआ शुभारंभ

दतिया @rubarunews.com>>>>>>> श्रीरामानुज धाम आश्रम पर शुक्रवार 18 दिंसबर से गीता जयंती समारोह एवं श्रीमद भगवत कथा साप्ताहिक पाठ का शुभारंभ वैदिक मंत्रों की गूंज के साथ शुरू हो गया।
सुबह वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आश्रम पर बिराजित देवी देवताओं का अभिषेक व पूजन किया गया। इसके बाद यज्ञवेदी का पूजन हुआ।

 

श्रीरामानुज धाम के अधिष्ठाता अनन्तश्री विभूषित स्वामी देवनायकाचार्य समदर्शी महाराज के सानिध्य में शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठान में पंडित राम निवास तिवारी, नन्द किशोर दीक्षित, मुरलीधर शर्मा, आत्माराम शर्मा, शोभित तिवारी, गौरव शर्मा, कृष्णकांत मिश्रा ने विधि विधान से हवन, पूजन सम्पन्न कराया। प्रथम दिन के हवन में फर्रुखखाबाद से रमन कटियार, शिवाजी कटियार, जालोंन उरई से हरि शरण तिवारी, दतिया से कृष्णकांत पांडे व कृष्णकांत मिश्रा ने शामिल होकर यज्ञवेदी में श्रीमद भगवतगीता के 18 अध्यायों के श्लोकों के उच्चारण के बीच आहुतियां दी। हवन के पश्चात भागवत कथा का आयोजन हुआ, जिसमें धर्मगुरू राधाकृष्ण जी द्वारा कथा का रसपान कराया गया।

 

हवन, पूजन व प्रवचन प्रतिदिन होंगे। 25 दिसंबर को पुर्णाहुति एवं 26 दिसंबर को भण्डारा होगा।
धार्मिक कार्यक्रम में देश के कोने कोने से स्वामी जी के शिष्य शामिल होने पहुंच रहे है। गीता प्रवचन में स्वामी देवनायकाचार्य महाराज ने कहा कि गीता भगवान श्रीकृष्ण के मुखारबिंद से निकली अमृतमय वाणी हैं। गीता संपूर्ण जन मानस के लिए अमोघ फलदायी हैं, गीता अमोघ ज्ञान है, अमोघ संपत्ति हैं। गीता के प्रचार प्रसार का मुख्य उद्देश्य विश्व कल्याण हैं। आश्रम पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्वामी जी के दर्शन लाभ प्राप्त कर आशीर्वाद लिया।