गुड टच बेड टच” को जुबानी नहीं व्यावहारिक रुप से समझाना होगा बच्चों को.

बून्दीkrishnaKantRathore/ @www.rubarunews.com– बच्चों को बैड टच और गुड टच समझाने के लिए आपको केवल उन्हें जुबानी तौर पर ही नहीं बल्कि प्रेक्टिकल रूप में भी समझाना होगा, ताकि अगर उनके साथ कुछ गलत हो तो वो उसे तुरंत भांप पाएं। ऐसा कहना है, उमंग की ज्ञानार्थ तथा मीना मंच की संयोजिका शोभा कंवर का। इस अवसर पर शोभा कँवर ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण व आत्म सुरक्षा पर प्रकाश डाला।

शोभा कंवर आज बरून्धन विद्यालय में उमंग संस्थान द्वारा “उमंगस फ़्री बीईंग मी वॉल” के तहत आयोजित “गुड टच बेड टच” कार्यशाला को संबोधित कर रही थी।
इस कार्यशाला में व्याख्याता हंसा कलवार ने गुड टच बेड टच का व्यावहारिक डेमो दिया। तथा शीला गुप्ता ने चाइल्ड हेल्पलाइन के बारे में बताया। मीना मंच की प्रेरक भावना गौतम ने बलिकाओं से खुल कर अपनी समस्याओं पर चर्चा करने की बात कही।
इस अवसर पर दीपिका प्रजापत, पलक बैरवा ,अंजलि मीणा ने पोस्टर भी बनाये। मीना प्रभारी रश्मिका ने सभी का धन्यवाद दिया तथा नीतू, नीलम, ज्योति, अनीश, कोमल, अक्षिता, सरिता, शेखर मौजुद रहे।

वहीं माटुन्दा सीनीयर सेकण्डरी स्कूल में उमंग संस्थान द्वारा आयोजित “गुड टच बेड टच” कार्यशाला में प्रभारी उम्मेहबीबा जिलानी ने बालिकाओं को गुड टच बेड टच का प्रायोगिक प्रशिक्षण देते हुये बताया कि बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना आवश्यक है और उनके मन का डर दुर कर उन्हें ना कहना सिखाए।
यहाँ पर व्याख्याता विभा गौतम और अनिता कुलश्रेष्ठ ने भी बालिकाओं के साथ शारीरिक स्वच्छता, उत्पीडन पर विचार साझा किए। यहाँ पर वन्दना चौधरी, सिया राजपूत, निधि शर्मा, सपना, सविता, पूजा गौचर, पवनप्रीत और विद्या प्रजापत मौजुद रही।