कृषि विधेयक को लेकर किसानों के बीच कांग्रेस और राष्ट्रविरोधी शक्तियां भ्रम फैला रही है: राजेश सोलंकी

भिण्ड। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेश सोलंकी ने पत्रकारों से चर्चां करते हुए कहा कि मोदी सरकार खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए तीन विधेयक लेकर आईं है, लेकिन कांग्रेस और राष्ट्र विरोधी शक्तियां किसान बिल को लेकर किसानों को भ्रमित करने का कुत्सित प्रयास कर रही है। किसानों और जनता तक कृषि विधेयक की सच्चाईं बताने के भारतीय जनता पार्टी ने जन जागरण प्रारंभ किया है। स्वतंत्रता के बाद से अपनी उन्नति और खुशहाली के लिए तरस रहे किसानों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तंन लाने की दृष्टि से प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाईं मोदी की सरकार ने ऐतिहासिक कानूनी प्रावधान किये है। अधिकारों से वंचित किसानों को अपने उत्पाद का मूल्य निर्धांरण करने और उसे अपनी इच्छा के अनुरुप स्थान पर बेचने आदि की स्वतंत्रता प्रदान करने के लिए तीन विधेयक के माध्यम से कानूनी प्रावधान किये गये है। एक राष्ट्र, एक बाजार की अवधारणा विकसित करने के लिए यह बाधा मुक्त व्यवस्था किसानों के लिए की गई है।
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेश सोलंकी ने भिण्ड सर्किट हाउस पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि दुर्भांग्य से आजादी के बाद भी दिन-रात पसीना बहाने वाले किसान को अपनी फसलों का मूल्य स्वयं निर्धांरित करने का अधिकार नहीं दिया गया और उसे दलालों के जबड़े में डालकर रखा गया। आज जब किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का कानूनी प्रयास किया जा रहा है,तब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का विरोध यह इंगित करता है कि किसानों से दलाली खाने वालों से इनके संबंध क्या है। मजेदार बात तो यह है कि कांग्रेंस और अन्य दलों के जो नेता आज कानूनी सुधारों का विरोध कर रहे है, वही नेता संसद से भीतर से लेकर बाहर तक इनकी वकालत करते थे। स्पष्ट है कि इनका दोहरा चरित्र समाज के सामने उजागर हुआ है। श्री सोलंकी ने कहा कि राजा नबाव, अंग्रेज और कांग्रेस तक के शासनकाल में किसानों के हित में ऐसा कोईं काम नही हो सका,जिसका उल्लेख किया जा सकें,लेकिन आज जब देश के किसान को अभिमान और स्वाभिमान देने के प्रयास किये जा रहे है, तब विरोधी दलों के पेट में मरोड़ हो रही है। सच तो यह है कि देश और देश के लोगों के हित में जब भी फैसले लिये जाते है,तब कांग्रेस को विरोध ही करना होता है। नागरिकता संशोधन कानून की बात हो, कश्मीर से धारा-370 हटाने का विष्य हो,मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक के कलंक से मुक्ति दिलाने का निर्णंय हो या फिर भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्मांण की बात हो,कांग्रेस ने हर राष्ट्रीय विषय पर देश का वातावरण खराब करने का प्रयास किया है। आज पूरे देश की विशेषकर मध्यप्रदेश की जनता यह जानती है कि मध्यप््रदेश किसान वेलफेयर स्टेट है। इसलिए पिछले दिनों कांग्रेस के बंद के आह्वान को स्वयं सिकानों ने ही फेल कर दिया। मजेदार बात यह है कि म.प्र. देश का पहला राज्य है जिसने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में चार हजार रुपये की वृद्वि करके 10 हजार रूपये किसान को देने का निर्णय लिया। प्रदेश में 78 लाख से अधिक किसानों के खातों में 3 हजार 705 करोड रूपये दिये जा चुके है। पत्रकारवार्ता में भिण्ड-दतिया संसदीय क्षेत्र की सांसद श्रीमती संध्या राय ने कहा कि मोदी सरकार किसानों के फायदों को लेकर योजनाएं बनाती हैं तो कांग्रेस के पेट में दर्द होने लगता हैं। देश में अधिकांशत: कांग्रेस की सरकारें रहीं, जिन्होंने किसानों के विकास की कोई चिंता नहीं की। जब मोदी सरकार देश के किसानोंं का विकास करना चाहती हैं तो कांग्रेस व उसके अन्य सहयोगी दल उसमें रोड़ा डालने का काम कर रहे हैं। कांग्रेस सिर्फ किसानों के साथ छल कपट की राजनीति करती हैं आई है। पत्रकारवार्ता में पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला महामंत्री आरबी सिंह बघेल, जिला कार्यालय प्रभारी उपेन्द्र शर्मा, आशीष समाधिया खेरी मौजूद थे।