बाल श्रम विरोधी अभियान मध्यप्रदेश के तत्वावधान में

बाल अधिकारों के संरक्षण हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए गए - बृजेश चौहान

दतिया। बच्चों को बाल श्रम से निजात दिलाने के उद्देश्य से संकल्पित होने के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस 2020 के उपलक्ष में बाल श्रम विरोधी अभियान मध्यप्रदेश के तत्वावधान में ऑनलाइन वेविनार आयोजित किया गया। आयोजित वेविनार में अभियान से जुड़ी स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर बाल श्रम के सम्बन्ध में किये गए अध्ययनों का प्रस्तुति करण किया गया। बाल श्रम अध्ययन में दतिया से स्वदेश ग्रामोत्थान समिति ने सहभागिता की।

वेवीनार के माध्यम से इस बार कोरोना आपदा और लॉक डाउन के चलते भौतिक रूप से आयोजन करना संभव नही है परन्तु इस दौर में बाल श्रम सम्बन्धी नई चुनौतियाँ बड़ी संख्या व नए रूप में उभर कर सामने आई हैं जिनपर विचार किया जाना बहुत आवश्यक प्रतीत होता है। इस विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा के दौरान बाल श्रम विरोधी अभियान द्वारा राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर बाल श्रम के सम्बन्ध में किये गए अध्ययनों का प्रस्तुतीकरण भी किया गया एवं राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग और श्रम विभाग के अधिकारी, बाल पंचायत के पदाधिकारी और प्रदेश के विभिन्न जिलों के सामाजिक कार्यकर्ता तथा बाल कल्याण समितियों के सदस्य अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

निवसीड बचपन के राजीव भार्गव ने बाल श्रम विरोधी अभियान द्वारा राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर बाल श्रम के सम्बन्ध में किये गए अध्ययनों का प्रस्तुतीकरण किया गया जिसमें श्री भार्गव ने बताया कि अभियान के तहत 23 जिलों में अध्ययन प्रक्रिया चलाई जिसमें मध्यप्रदेश के 21 व छत्तीसगढ़ के 2 जिले सम्मिलित है। अध्ययन में भोपाल, दतिया, बड़वानी व कोरवा से सर्वाधिक साक्षात्कार किए गए।

वेविनार में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य बृजेश चौहान ने विस्तार से अपने विचार रखे जिसमें शिक्षा विभाग के द्वारा शैक्षणिक प्रकिया के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने विभागों को दिए गए निर्देशों को बताया। सभी प्रतिभागियों से तथ्यात्मक शिकायत करने पर आवश्यक कार्यवाही करने की बात कही। बाल अधिकारों के संरक्षण हेतु सरकार, आयोग, विभाग व समाजसेवी संगठन सब संकल्पित है।

वेविनार में विचार सांझा करने की प्रक्रिया के तहत अभियान साथी रामजीशरण राय बालमित्र दतिया ने सुझाव देते हुए कहा कि वर्ष 2020-21 में शैक्षणिक सत्र को 0 घोषित कर देना चाहिए ताकि बच्चों की जिन्दगी सुरक्षित रह सकें और आगामी सत्र में अपनी शिक्षा को सुचारू कर बेहतर जीवन जी सकें। साथ ही जिला स्तरीय बाल श्रम टास्क फ़ोर्स को सक्रिय बनाया जावे या उन्हें पुनर्गठन किया जावे। उनके द्वारा अब तक किए गए कार्य की रिपोर्ट बाल संरक्षण आयोग मंगवाये ताकि इनके प्रयासों की समीक्षा हो सके। कुछ कमियां होने पर आवश्यक निर्देश दिए जा सकें।

वेविनार में महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग और श्रम विभाग के अधिकारी, बाल पंचायत के पदाधिकारी और प्रदेश के विभिन्न जिलों के सामाजिक कार्यकर्ता तथा बाल कल्याण समितियों के सदस्य अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। बाल श्रम विरोधी अभियान व निवसीड बचपन के राजीव भार्गव, सत्येंद्र पांडेय, ऋतु रूसिया, तरन्नुम भोपाल, प्रदीप नायर भोपाल, सुधीर भार्गव गंजबासौदा, रामअवतार गौर, लक्ष्मण सिंह तोमर गोहद भिण्ड, अशोक शाक्य सरदार सिंह गुर्जर दतिया, उमेश सक्सेना श्योपुर आदि ने सहभागिता करते हुए बाल संरक्षण का संकल्प लिया। वेविनार का सफल संचालन सत्येंद्र पाण्डेय ने किया। आभार व्यक्त अभियान साथी तरन्नुम ने किया। उक्त जानकारी रामजीशरण राय ने दी।

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